Breaking News

बैकुण्ठपुर,@ढाई साल से उधार के भवन में तहसील कार्यालय,स्थायी भवन का इंतजार

Share


कांग्रेस नेता राजीव गुप्ता ने फेसबुक पोस्ट के जरिए उठाया सवाल,पुराने प्रशासनिक परिसर की जमीन पर संयुक्त भवन बनाने का दिया सुझाव
-संवाददाता-
बैकुण्ठपुर,08 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर में आम जनता और किसानों से सीधे जुड़े तहसील कार्यालय की स्थिति इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर रही है, पुराने भवन के जर्जर हो जाने के बाद तहसील कार्यालय को पिछले करीब ढाई वर्षों से बस स्टैंड स्थित वन विभाग के डिपो परिसर के सामुदायिक भवन ‘आस्था भवन’ में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित किया जा रहा है,अस्थायी तौर पर शुरू की गई यह व्यवस्था अब लंबे समय से चल रही है, लेकिन तहसील कार्यालय के लिए स्थायी भवन कब और कहां बनेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
तहसील कार्यालय ऐसा प्रशासनिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और आम नागरिक राजस्व संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं,नामांतरण,बंटवारा, सीमांकन,भूमि संबंधी मामलों सहित विभिन्न कार्यों के लिए लोगों को तहसील कार्यालय जाना पड़ता है,ऐसे महत्वपूर्ण कार्यालय का वर्षों तक जर्जर भवन में और उसके बाद वैकल्पिक भवन में संचालन होना अब चर्चा का विषय बन गया है।
जनता के दबाव के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन?-इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राजीव गुप्ता ने अपने फेसबुक हैंडल पर पोस्ट करते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं,उन्होंने लिखा कि जिला मुख्यालय का तहसील कार्यालय पिछले ढाई वर्षों से उधार के भवन में संचालित हो रहा है,लेकिन इस महत्वपूर्ण कार्यालय के लिए स्थायी व्यवस्था को लेकर न तो जवाबदेह जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई सार्थक पहल दिखाई दी और न ही प्रशासनिक स्तर पर ऐसी पहल नजर आई,जिससे शहरवासियों को स्थायी समाधान की उम्मीद बंधे,गुप्ता ने अपने पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला केवल तहसील कार्यालय के भवन का नहीं है,बल्कि इससे यह भी सामने आता है कि जनता की बुनियादी जरूरतों को लेकर जिम्मेदार लोग कितने जागरूक और कितने उदासीन हैं,उन्होंने व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जनता की सेवा,संपूर्ण विकास और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं,लेकिन जमीनी स्तर पर कई बुनियादी समस्याओं की पहचान और उनका समाधान तब तक होता दिखाई नहीं देता, जब तक जनता की ओर से आवाज नहीं उठाई जाती।
एक परिसर में हों कई महत्वपूर्ण कार्यालय- गुप्ता ने सुझाव दिया कि प्रस्तावित संयुक्त प्रशासनिक परिसर में केवल तहसील कार्यालय ही नहीं, बल्कि एसडीएम कार्यालय,रोजगार कार्यालय, आरआई एवं पटवारी कार्यालय सहित अन्य ऐसे सरकारी कार्यालयों को भी शामिल किया जाए, जो वर्तमान में जर्जर,किराये या वैकल्पिक भवनों में संचालित हो रहे हैं, उन्होंने यह भी कहा कि मनेंद्रगढ़ में संचालित कोरिया जिले के जिला स्तरीय कार्यालयों को भी आवश्यकता और प्रशासनिक दृष्टि से एक ही परिसर में लाने की योजना पर विचार किया जा सकता है,यदि ऐसा प्रशासनिक परिसर विकसित होता है तो आम नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है,राजस्व और प्रशासन से जुड़े कई कार्य एक ही क्षेत्र में होने के कारण किसानों,ग्रामीणों और आम नागरिकों का समय एवं संसाधन बच सकता है, वहीं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय भी बेहतर हो सकता है।
पुरानी सिविल लाइन को फिर मिल सकती है प्रशासनिक पहचान-राजीव गुप्ता ने अपनी पोस्ट में बैकुण्ठपुर की पुरानी सिविल लाइन के पुराने स्वरूप को भी चर्चा में लाया है,उनका कहना है कि शहर के बाहर कोर्ट,एसपी कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण कार्यालय चले जाने के कारण पुरानी सिविल लाइन क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियां कम हुई हैं,इसका असर आसपास की व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ा है,ऐसे में यदि पुराने प्रशासनिक क्षेत्र में एक संयुक्त प्रशासनिक परिसर विकसित किया जाता है तो यह इलाका फिर से प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बन सकता है,रोजाना बड़ी संख्या में आम लोगों,अधिकारियों,कर्मचारियों और अन्य लोगों की आवाजाही होने से आसपास के व्यापार को भी गति मिलने की संभावना है।
सवाल स्थायी समाधान का- बैकुण्ठपुर में तहसील कार्यालय के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था किए करीब ढाई वर्ष बीत चुके हैं,ऐसे में अब सवाल यह है कि अस्थायी व्यवस्था आखिर कब तक जारी रहेगी और स्थायी भवन के लिए ठोस प्रक्रिया कब शुरू होगी,शहरवासियों के सामने दो विकल्प दिखाई देते हैं—या तो तहसील कार्यालय के लिए अलग से आधुनिक और सुविधायुक्त भवन तैयार किया जाए अथवा उपलब्ध सरकारी जमीन का बेहतर उपयोग करते हुए तहसील समेत अन्य महत्वपूर्ण कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने की दीर्घकालीन योजना बनाई जाए, संयुक्त प्रशासनिक भवन का सुझाव केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है,यदि इसे योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जाता है तो इससे जनता को एक स्थान पर कई प्रशासनिक सुविधाएं, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और शहर के पुराने प्रशासनिक क्षेत्र को नई पहचान मिल सकती है,फिलहाल तहसील कार्यालय ‘आस्था भवन’ में वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे चल रहा है और स्थायी भवन की जरूरत बरकरार है,कांग्रेस नेता राजीव गुप्ता की फेसबुक पोस्ट ने इस मुद्दे को सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है,अब देखना होगा कि प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस सुझाव को केवल राजनीतिक बयान के रूप में देखते हैं या बैकुण्ठपुर की दीर्घकालीन प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में कोई ठोस पहल करते हैं।
पुरानी सरकारी जमीन के उपयोग का दिया सुझाव-
कांग्रेस नेता राजीव गुप्ता ने अपनी पोस्ट में इस समस्या के स्थायी समाधान के साथ-साथ बैकुण्ठपुर की पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था को पुनर्गठित करने का सुझाव भी दिया है, उन्होंने कहा कि पुराने तहसील कार्यालय से लेकर पुराने एसपी, एसडीएम तथा खेल एवं युवा कल्याण कार्यालय तक उपलब्ध सरकारी भूमि का समुचित उपयोग किया जाना चाहिए, उपलब्ध जमीन को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर कार्यालय की तर्ज पर यहां एक बहुउद्देशीय संयुक्त प्रशासनिक भवन विकसित करने की योजना बनाई जा सकती है, उनके मुताबिक, यह काम चरणबद्ध तरीके से भी किया जा सकता है। वर्तमान में उपलब्ध भूमि पर पहले जरूरी कार्यालयों का निर्माण किया जाए और भविष्य में एसपी कार्यालय के नए भवन में स्थानांतरित होने के बाद उपलब्ध होने वाली जमीन का दूसरे चरण में उपयोग किया जा सकता है।


Share

Check Also

अम्बिकापुर,@ स्ट्रोक के लक्षण पहचानें,समय पर उपचार लें : फिजियोथेरेपिस्ट

Share विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर सियान गुड़ी सेंटर में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम,वरिष्ठजनों ने खेल और …

Leave a Reply