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रायपुर@निलंबित आईपीएस जीपी सिंह को दो दिन के रिमांड पर ईओडब्ल्यू-एसीबी को सौंपा गया

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आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और राजद्रोह के मामले में फंसे जीपी सिंह लंबे समय से फरारी काट रहे थे।


रायपुर,12 जनवरी 2022(ए)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित निलंबित आईपीएस जीपी सिंह को गिरफ्तार करने के बाद आज राजधानी रायपुर के कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे दो दिन के लिए रिमांड पर ईओडब्ल्यू-एसीबी को सौंपा गया है।
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और राजद्रोह के मामले में फंसे जीपी सिंह लंबे समय से फरारी काट रहे थे। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम जीपी सिंह को दिल्ली में जाकर गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार करने के बाद जीपी सिंह को आज रायपुर लाया गया और यहां लाते ही उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में ईओडब्ल्यू-एसीबी ने जीपी सिंह से रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती थी इसलिए जीपी सिंह को 7 दिन के लिए रिमांड की मांग करते हुए आवेदन भी किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए जीपी सिंह को दो दिन के लिए ईओडब्ल्यू-एसीबी के हवाले किया गया है। इन दो दिन में ईओडब्ल्यू-एसीबी के अधिकारियों द्वारा जीपी सिंह से उनके घर से मिली डायरी और 10 करोड़ रूपये से अधिक अनुपातहीन सम्पत्ति के बारे में पूछताछ करेगी।
कोर्ट में पेश करने से पूर्व जीपी सिंह को ईओडब्ल्यू-एसीबी के दफ्तर में करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ भी की गई। कोर्ट में पेश होने से पहले जीपी सिंह ने कहा कि मुझे फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में जो प्रापर्टी दिखायी गई है वो प्रापर्टी हमारी है ही नहीं और न ही उस प्रापर्टी से कोई हमारा लेना-देना है।
विदित हो कि एडीजी के पद पर पदस्थ रह चुके निलंबित आईपीएस जीपी सिंह के घर से लेकर अन्य ठिकानों पर एसीबी-ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई की थी। इस कार्यवाही में जीपी सिंह की आय से अधिक 10 करोड़ रुपये से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति का पता लगाया था। इसके अलावा एसीबी को जीपी सिंह के घर से की एक डायरी भी हाथ लगी है जिसमें सरकार के खिलाफ षड़यंत्र रचने का जिक्र किया गया है जिसके बाद एसीबी की टीम कोतवाली थाना में जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह समेत अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज की है।


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