-संवाददाता-
अंबिकापुर,04 नवम्बर 2026 (घटती-घटना)। महावीर अस्पताल में कार्यरत एक फिजियोथेरेपी सहायक के पंजीयन प्रमाण पत्र की जांच के दौरान क्यूआर कोड ने उसकी कथित फर्जी डिग्री की पोल खोल दी। प्रमाण पत्र पर लगा क्यूआर कोड स्कैन करने पर वह झारखंड के एक अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज मिला। इस मामले में गांधीनगर पुलिस ने बिहार निवासी नुरेन आलम (30) के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। अब अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी है।
मामले का खुलासा 16 अक्टूबर 2026 को जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम के महावीर अस्पताल निरीक्षण के दौरान हुआ। निरीक्षण के समय अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों और कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता व पंजीयन संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। इस दौरान फिजियोथेरेपी सहायक के रूप में काम कर रहे नुरेन आलम के पंजीयन प्रमाण पत्र की जांच की गई। प्रमाण पत्र पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर उसकी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मिली। दस्तावेजों के अनुसार, यह प्रमाण पत्र झारखंड निवासी अभिज्ञान कुमार का था। जांच में सामने आया कि नुरेन आलम ने दूसरे व्यक्ति की डिग्री में कथित कूटरचना कर उसे अपने दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया था। वह महावीर अस्पताल में करीब 15 दिनों से काम कर रहा था। मामले में अनिल कुमार दास की शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने धारा 318(4) में अपराध दर्ज किया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। अभियोजन ने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी फरार हो सकता है और साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने प्रकरण के तथ्यों और अभियोजन के तर्कों पर विचार करने के बाद 3 नवंबर 2026 को अग्रिम जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur