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पटना/कोरिया@घर बनाने की जल्दबाजी में नाली ध्वस्त

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सड़क पर बह रहा घरों का गंदा पानी
पटना नगर पंचायत के बाजारपारा में जलनिकासी व्यवस्था बाधित, लोगों की परेशानी बढ़ी,नाली तोड़ने वाले की जिम्मेदारी या नगर पंचायत की जवाबदेही?
-रवि सिंह-
पटना/कोरिया,04 नवम्बर 2026 (घटती-घटना)।
नगर पंचायत पटना के बाजारपारा में एक अजीबोगरीब स्थिति सामने आई है,यहां एक व्यक्ति द्वारा मकान निर्माण के दौरान कथित तौर पर नाली को ध्वस्त कर दिए जाने से आसपास के घरों का गंदा पानी अब सड़क पर बह रहा है,नतीजा यह है कि मोहल्ले के लोगों को रोजाना गंदे पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है,घरों से निकलने वाले पानी की निकासी का रास्ता बंद होने के कारण सड़क ही नाली में तब्दील होती नजर आ रही है,लेकिन अब तक इस समस्या के समाधान की कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि बाजारपारा में मोहम्मद शोएब द्वारा अपने मकान का निर्माण कराया जा रहा है। इसी निर्माण कार्य के दौरान नाली क्षतिग्रस्त कर दी गई,आरोप है कि नाली को तोड़े जाने के बाद उसे दोबारा व्यवस्थित नहीं किया गया, जिसके कारण आसपास के घरों का गंदा पानी सड़क पर फैलने लगा है,इससे स्थानीय लोगों को दुर्गंध,गंदगी और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण की जरूरत अपनी जगह, लेकिन सार्वजनिक सुविधा का नुकसान क्यों?-मकान बनाना किसी भी व्यक्ति का निजी अधिकार है,लेकिन निजी निर्माण के कारण सार्वजनिक नाली और जलनिकासी व्यवस्था बाधित हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए,आखिर किसी व्यक्ति के मकान निर्माण की कीमत पूरे मोहल्ले के लोगों को गंदे पानी के बीच आवागमन करके क्यों चुकानी पड़े? यदि निर्माण के दौरान नाली तोड़ी गई है,तो उसे पुनः दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या निर्माणकर्ता की यह जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह सार्वजनिक सुविधा को नुकसान पहुंचने पर उसकी मरम्मत कराए?
नगर पंचायत की जिम्मेदारी से कैसे बच सकती है?-इस पूरे मामले में नगर पंचायत पटना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है,शहर की नाली, सड़क और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना नगर पंचायत की जिम्मेदारी है,यदि किसी निजी निर्माण के कारण सार्वजनिक नाली क्षतिग्रस्त हुई है, तो नगर पंचायत को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, संबंधित व्यक्ति को नाली दुरुस्त कराने के लिए निर्देश देना और तब तक जलनिकासी की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है,सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क पर घरों का गंदा पानी बह रहा है और लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है, तब नगर पंचायत की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर जानकारी होने के बावजूद समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है?
जनता की परेशानी का समाधान कब?-स्थानीय लोगों के लिए यह केवल नाली टूटने का मामला नहीं,बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी समस्या है,सड़क पर बहता गंदा पानी न केवल आवागमन में बाधा बन रहा है,बल्कि आसपास गंदगी और दुर्गंध की स्थिति भी पैदा कर रहा है, ऐसे में नगर पंचायत को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण कराना चाहिए और नाली की मरम्मत कराकर जलनिकासी बहाल करनी चाहिए,अब देखना यह है कि नगर पंचायत पटना इस समस्या पर कब संज्ञान लेती है और सार्वजनिक नाली को क्षतिग्रस्त करने के मामले में जिम्मेदारी किसकी तय करती है,फिलहाल सवाल सीधा है—मकान निर्माण किसी एक व्यक्ति का है, लेकिन उसकी वजह से परेशानी पूरे मोहल्ले को क्यों उठानी पड़े?


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