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खड़गवां@ खड़गवां में सड़क मरम्मत के नाम पर हो रही थूक-पॉलिश!

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लाखों के काम में गुणवत्ता गायब,बिना सफाई और इमल्शन के बिछाई जा रही डामर की परत
ठेकेदार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का पूरा संरक्षण प्राप्त
-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां,04 नवम्बर 2026 (घटती-घटना)।
चिरमिरी-कोरबा-बिलासपुर मार्ग पर मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल, निर्माण स्थल से नदारद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी,ठेकेदार की मनमानी से सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका,खड़गवां चिरमिरी से कोरबा-बिलासपुर मार्ग पर खड़गवां क्षेत्र में इन दिनों सड़क मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है,लेकिन मरम्मत के नाम पर जिस तरह से काम किया जा रहा है, उसने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं,आरोप है कि सड़क की मरम्मत में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है,सड़क की समुचित सफाई किए बिना ही उसके ऊपर डामरीकरण किया जा रहा है, इतना ही नहीं,सड़क पर इमल्शन का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है, स्थानीय स्तर पर सामने आ रही तस्वीरें और निर्माण कार्य को लेकर उठ रही शिकायतें यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर लाखों रुपये की लागत से होने वाला सड़क मरम्मत कार्य गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है या फिर महज खानापूर्ति की जा रही है?
न सफाई,न इमल्शन,फिर कैसे टिकेगा डामर?-सड़क मरम्मत के कार्य में पुरानी सतह की स्थिति के अनुसार आवश्यक सफाई, धूल-मिट्टी और ढीली सामग्री हटाना तथा निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के तहत बिटुमिनस इमल्शन अथवा टैक कोट का छिड़काव करना महत्वपूर्ण होता है,इसके बाद ही डामर की परत बिछाई जाती है। लेकिन खड़गवां में चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर आरोप है कि इन जरूरी प्रक्रियाओं की अनदेखी की जा रही है,यदि बिना समुचित सफाई और आवश्यक इमल्शन के डामरीकरण किया जा रहा है,तो नई परत की पकड़ और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है, ऐसी स्थिति में कुछ ही समय बाद सड़क पर डामर उखड़ने,गिट्टियां निकलने और गड्ढे बनने की आशंका बनी रहती है।
निर्माण स्थल से अधिकारी गायब, ठेकेदार की मनमानी पर सवाल-सबसे गंभीर सवाल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहे हैं,आरोप है कि सड़क मरम्मत के दौरान विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से निर्माण स्थल पर मौजूद नहीं रहता,ऐसे में ठेकेदार द्वारा अपनी मनमर्जी से काम कराए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं,जब विभागीय अधिकारी ही मौके पर रहकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी नहीं करेंगे,तो तकनीकी मानकों का पालन कौन सुनिश्चित करेगा? क्या कार्य की गुणवत्ता की जांच केवल कागजों में होगी या मौके पर भी इसकी वास्तविक पड़ताल की जाएगी? लाखों का भुगतान,लेकिन सड़क मरम्मत में गुणवत्ता कहां? सड़क मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं,ऐसे में जनता का यह जानना जरूरी है कि कार्य की वास्तविक लागत कितनी है,ठेकेदार को किन शर्तों पर काम सौंपा गया है और विभाग द्वारा गुणवत्ता की जांच के लिए क्या व्यवस्था की गई है, यदि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी हो रही है,तो यह सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग का गंभीर विषय बन सकता है।
जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांग रहे क्षेत्रवासी-अब सवाल यह है कि लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं? क्या सड़क मरम्मत के कार्य का तकनीकी निरीक्षण कराया जाएगा? क्या निर्माण में इस्तेमाल सामग्री,इमल्शन के छिड़काव और डामर की मोटाई की जांच होगी? क्या संबंधित ठेकेदार को गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए जाएंगे? क्षेत्रवासियों की मांग है कि सड़क मरम्मत कार्य की निष्पक्ष जबकि मरम्मत कार्य कैबिनेट मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता विहीन कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है तकनीकी जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।


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