Breaking News

पटना/कोरिया@स्व. रविंद्र तिवारी की पंचम पुण्यतिथि पर पंडो बच्चों के बीच हुआ न्योता भोज

Share


श्रद्धांजलि के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण,बच्चों को कॉपी व शैक्षणिक किट का वितरण

-संवाददाता-
पटना/कोरिया,10 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। पूर्व महोरा जमींदार एवं शिक्षक हितों के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले स्वर्गीय रविंद्र तिवारी की पंचम पुण्यतिथि पर उनके गृहग्राम महोरा के सुदूर अंचल जामझरिया स्थित विद्यालय में पंडो जनजाति के बच्चों के बीच श्रद्धांजलि स्वरूप न्योता भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र कुमार गुप्ता एवं सहायक संचालक कौशिक भद्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही, कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय रविंद्र तिवारी के सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, आयोजन का उद्देश्य उनकी स्मृति को केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न रखते हुए शिक्षा, पर्यावरण और समाजसेवा से जोड़ना रहा।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत हुआ पौधरोपण-पुण्यतिथि के अवसर पर विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’अभियान के तहत पौधरोपण किया गया,उपस्थित अधिकारियों,शिक्षकों एवं अन्य लोगों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया,इस दौरान बच्चों को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए पौधों की देखभाल और संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई,इसके साथ ही विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को कॉपी एवं शैक्षणिक किट का वितरण किया गया,पंडो जनजाति के बच्चों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम से शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन और जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहयोग का संदेश भी दिया गया।
करीब दो दशक तक शिक्षकों के अधिकारों के लिए किया संघर्ष
स्वर्गीय रविंद्र तिवारी के संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1998 से शिक्षकों के अधिकार एवं नियमितीकरण की मांग को लेकर लगातार संघर्ष किया, उनका संघर्ष ब्लॉक एवं जिला स्तर से आगे बढ़कर राज्य की राजधानी तक पहुंचा। लगभग दो दशक तक जारी इस संघर्ष के बाद वर्ष 2018 में उनकी मांगों से संबंधित सकारात्मक परिणाम सामने आया, शिक्षकों के अधिकारों के लिए निरंतर आवाज उठाने के बाद उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को भी अपने संघर्ष का हिस्सा बनाया,इस दिशा में भी उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखे और शासन स्तर पर सकारात्मक निर्णय के लिए आवाज उठाई।
कई संगठनों में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
स्वर्गीय तिवारी को संघर्षशील,जुझारू और सहयोगी व्यक्तित्व के रूप में याद किया गया। सामाजिक एवं कर्मचारी संगठनों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही,उन्होंने छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन के प्रांतीय सचिव,छत्तीसगढ़ अंशदायी पेंशन कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी संघ सरगुजा संभाग के संयोजक तथा ब्राह्मण समाज पटना मंडल के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया, इन संगठनों के माध्यम से उन्होंने कर्मचारियों, शिक्षकों और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया,उनके सहयोगी और संघर्षशील स्वभाव के कारण संगठनात्मक क्षेत्र में भी उनकी अलग पहचान बनी रही।
आकस्मिक निधन के बावजूद
संघर्ष की विरासत कायम

लगभग पांच वर्ष पूर्व स्वर्गीय रविंद्र तिवारी का आकस्मिक निधन हो गया, उनके निधन को उनके परिवार, साथियों और सामाजिक एवं कर्मचारी संगठनों के लिए अपूरणीय क्षति बताया गया,हालांकि,उनके साथ जुड़े लोगों का कहना है कि उनका संघर्ष, समर्पण और समाज के लिए किए गए कार्य आज भी लोगों को प्रेरणा देते हैं, पुण्यतिथि के अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की वास्तविक विरासत उसके जाने के बाद भी समाज में दिखाई देती है,शिक्षा,पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंद बच्चों के बीच सहयोग से जुड़ा यह आयोजन इसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ की रही सहभागिता
कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं स्टाफ भी उपस्थित रहे, बच्चों के बीच न्योता भोज,शैक्षणिक सामग्री वितरण और पौधरोपण के कार्यक्रम ने पुण्यतिथि आयोजन को सामाजिक सरोकारों से जोड़ दिया,कार्यक्रम का सफल आयोजन छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष रुपेश सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, उपस्थित जनसमूह ने स्वर्गीय रविंद्र तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष, समर्पण और योगदान को नमन किया।


Share

Check Also

एमसीबी@ विश्व आदिवासी दिवस पर गुलाब कमरो का भाजपा सरकार पर हमला,बोले…‘सत्ता मिलते ही आदिवासियों को भूल गए मुख्यमंत्री

Share मुख्यमंत्री के बधाई संदेश और सरकारी प्रचार को लेकर पूर्व विधायक ने उठाए सवाल,जल-जंगल-जमीन …

Leave a Reply