Breaking News

अम्बिकापुर@कुलपति आवास पर अभाविप के सवाल,विश्वविद्यालय ने कहा…परिसर का आवास अनुकूल नहीं…

Share


सुरक्षा-सफाई के खर्च को लेकर भी उठे सवाल,कुलसचिव बोले…यह किसी एक माह का बिल नहीं,आरोप तथ्यहीन


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,10 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में वित्तीय खर्च और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। अभाविप ने कुलपति आवास,फर्नीचर खरीदी,सुरक्षा और सफाई व्यवस्था पर खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। वहीं विश्व विद्यालय के कुलसचिव एसपी त्रिपाठी ने कहा कि कुलपति का शहर में भी आवास है और विश्वविद्यालय परिसर में बना आवास उनके अनुकूल नहीं होने के कारण वहां रहना संभव नहीं है। अभाविप ने आरोप लगाया था कि करीब एक करोड़ रुपए की लागत से कुलपति भवन का निर्माण होने के बावजूद कुलपति किराए के भवन में रह रहे हैं। परिषद ने इसे विश्वविद्यालय पर अतिरिक्त आर्थिक भार बताते हुए खर्च और निर्णय प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की थी। इस पर कुलसचिव ने कहा कि परिसर में बने आवास की उपयोगिता और अनुकूलता को देखते हुए ही निवास का निर्णय लिया जाता है। उनका कहना है कि कुलपति के शहर में भी आवास होने की जानकारी उन्हें मिली है।
सुरक्षा-सफाई के खर्च पर भी जवाब : अभाविप ने विश्वविद्यालय में सुरक्षा के नाम पर करीब 9.62 लाख रुपए और सफाई व्यवस्था पर 1.89 लाख रुपए खर्च किए जाने पर सवाल उठाए थे। परिषद ने इन खर्चों की आवश्यकता और औचित्य की जांच की मांग की है। इस पर कुलसचिव एसपी त्रिपाठी ने कहा कि इन खर्चों को किसी एक माह का बिल बताकर भ्रष्टाचार से जोडऩा सही नहीं है। ‘यह किसी एक महीने का बिल नहीं है। सुरक्षा और सफाई व्यवस्था पर होने वाले खर्च को पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए।’ उन्होंने सुरक्षा व सफाई व्यवस्था में भ्रष्टाचार के आरोपों को गलत बताया।
फर्नीचर और टेंडर पर भी उठे सवाल
अभाविप ने विश्वविद्यालय के मद से करीब 22 लाख रुपए के सोफा और फर्नीचर खरीदे जाने तथा अन्य सामान के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिषद ने बिल,अनुमति और उपयोग का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके अलावा कुछ टेंडरों में एल-1 की जगह एल-2 निविदाकार को काम दिए जाने का आरोप लगाते हुए प्रक्रिया की जांच की मांग की गई है। इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दस्तावेजों और संबंधित प्रक्रियाओं के आधार पर स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
शुल्क वृद्धि को लेकर
विद्यार्थियों में नाराजगी

अभाविप ने छात्र कल्याण शुल्क, पीएचडी शुल्क सहित विभिन्न शुल्कों में वृद्धि का मुद्दा भी उठाया है। परिषद का कहना है कि शुल्क बढऩे के बावजूद विद्यार्थियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन से इन सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक जवाब और खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है।


Share

Check Also

एमसीबी@ विश्व आदिवासी दिवस पर गुलाब कमरो का भाजपा सरकार पर हमला,बोले…‘सत्ता मिलते ही आदिवासियों को भूल गए मुख्यमंत्री

Share मुख्यमंत्री के बधाई संदेश और सरकारी प्रचार को लेकर पूर्व विधायक ने उठाए सवाल,जल-जंगल-जमीन …

Leave a Reply