ट्रस्ट ने 4 सोने-चांदी की वस्तुएं दिखाईं,इनकी चोरी का दावा था…
अयोध्या,06 जुलाई 2026। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। चंपत राय की जगह नए ट्रस्टी रिटायर्ड आईएफ एस कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है। कृष्ण मोहन दलित समाज से हैं। चढ़ावा चोरी के बाद हुई पहली बैठक 3 घंटे तक चली। बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी बोले…चंपत राय ने कहा है कि जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते तब तक पद पर रहना सही नहीं है। जो हुआ वह कष्टदायी है। इससे हम सब दुखी हैं। चढ़ावा चोरी लज्जाजनक घटना है। बैठक में ट्रस्टी के. पाराशरन ने कहा था कि त्यागपत्र देते ही इसे स्वीकार करना ट्रस्ट के संविधान में हैं। इसलिए इस्तीफा स्वीकार किया गया। 22 जुलाई को ट्रस्ट की फिर बैठक होगी। कृष्ण मोहन ने कहा- चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सजा दिलाएंगे। प्रबंधन की कमियों का फायदा उठाया गया, कमियों को दूर करेंगे ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। समाज में अविश्वास है। विश्वास को दोबारा स्थापित करेंगे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- आज की बैठक से संतुष्टि नहीं, ट्रस्ट की बॉडी को भंग करें : उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अभी तो बस इस्तीफा स्वीकार हुआ है। बड़ी मछली में नृपेंद्र मिश्रा हैं, चंपत राय बंसल हैं,अनिल मिश्रा, गोविंद गिरी और गोपाल राव हैं। इन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए, तब प्रकरण समझ आएगा। इनके रहते इस तरह चोरी हुई है, ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आज की बैठक से कोई संतुष्टि नहीं है। वही लोग हैं, जो इसमें शामिल रहे हैं। ट्रस्ट की जो बॉडी है, उसे तत्काल भंग करें। इसमें सम्मानित शंकराचार्यों,धार्मिक नेताओं और अयोध्या के उन लोगों को शामिल किया जाना चाहिए,जो पीढि़यों से प्रभु की सेवा कर रहे हैं।
ट्रस्ट की 5 बड़ी बातें…
कोई श्रद्धालु अपनी दी हुई भेंट की जानकारी लेना चाहता है तो वह ट्रस्ट के किसी अधिकारी से अयोध्या आकर जानकारी प्राप्त कर सकता है।
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा…राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी चोरी के लिए जिम्मेदार
समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा कि ट्रस्ट के जितने लोग हैं,वे चोरी के लिए अंतिम रूप से जिम्मेदार हैं। मुझे लगता है कि जानबूझकर ये मामले का विषयांतर कर रहे हैं। गुनहगारों को बचाने की साजिश हो रही है। जहां तक ट्रस्ट की बात है, यह कैसे कहा जा सकता है कि ट्रस्ट के लोग चोरी के लिए जिम्मेदार नहीं है? वहां का रखरखाव, दौलत, चढ़ावा, ट्रस्ट के पदाधिकारी की जिम्मेदारी थी। चंपत राय गुनहगार की श्रेणी में आते हैं।
चंदा चोरी का विवादः राम मंदिर ट्रस्ट और जनता की नजरें
राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी का यह मुद्दा पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले ने न केवल राजनीतिक हलकों में बल्कि श्रद्धालुओं के बीच भी काफी चिंता पैदा की है। राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों के बीच, यह कानूनी घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जबकि हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच की याचिका को खारिज कर दिया है, तो सभी की निगाहें अब सर्वोच्च न्यायालय के रुख पर टिकी हैं। फिलहाल, यह देखना होगा कि इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या रूप लेती है और राम मंदिर ट्रस्ट इस संवेदनशील विषय पर अपनी पारदर्शिता को लेकर क्या कदम उठाता है।
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