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अम्बिकापुर@सस्ता सोना दिलाने का झांसा,फर्जी पुलिस कार्रवाई का डर…फिर 25 लाख की ठगी

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पुराने परिचय का उठाया फायदा,व्यापारी से किश्तों में ऐंठी लाखों की रकम,कभी वकील तो कभी पुलिस अधिकारी बनकर करता रहा फोन

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,06 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। शहर में सस्ता सोना दिलाने का लालच देकर एक सब्जी व्यापारी से करीब 25 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले बाजार से कम कीमत पर सोना उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया, फिर खुद को पुलिस कार्रवाई में फंसा बताकर और बाद में फर्जी पुलिस अधिकारियों,अधिवक्ताओं व अन्य लोगों के नाम पर फोन कर पीडि़त से लगातार पैसे वसूलता रहा। जब व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ और उसने रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करता रहा। मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार बौरीपारा निवासी 52 वर्षीय शंकर प्रसाद गुप्ता,जो गुदरी बाजार में फुटकर सब्जी व्यवसाय करते हैं,ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चांदनी चौक बंगाली मैदान के पास रहने वाले विकास सोनी ने वर्षों पुराने परिचय और भरोसे का फायदा उठाकर फरवरी से दिसंबर 2024 के बीच उनसे लगभग 25 लाख रुपये ले लिए।
किरायेदार से बना विश्वास,फिर उसी भरोसे से रची ठगी : शिकायत के मुताबिक विकास सोनी पहले शंकर प्रसाद गुप्ता के घर में किराए पर रह चुका था। इसी कारण दोनों के बीच पुराना परिचय और विश्वास था। आरोपी ने इसी रिश्ते का फायदा उठाते हुए व्यापारी को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर 150 ग्राम सोना दिलाने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में उसने एक लाख रुपये नकद लिए और कहा कि रांची से सोना लेकर आएगा। इसके बाद यात्रा खर्च के नाम पर भी अलग से रकम ली गई।
फर्जी पुलिस कार्रवाई का बनाया नाटक : कुछ दिन बाद आरोपी ने व्यापारी को फोन कर बताया कि रांची में पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। उसने खुद को लॉकअप में होने का दावा करते हुए तस्वीर भी भेजी और कहा कि यदि तत्काल पैसे नहीं भेजे गए तो वह जेल चला जाएगा और सोना भी जब्त हो जाएगा। पीडि़त का आरोप है कि आरोपी लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगता रहा। कभी पुलिस से छुड़ाने, कभी सोना छुड़ाने और कभी कथित कानूनी कार्रवाई रोकने के नाम पर लाखों रुपये लेता गया।
कभी एसपी ऑफिस तो कभी वकील बनकर आते रहे फोन : मामले की जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। शिकायत के अनुसार आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर विभिन्न लोगों का परिचय देता था। कभी खुद को किसी कंपनी का प्रतिनिधि, कभी अधिवक्ता, तो कभी रांची पुलिस अथवा एसपी कार्यालय का अधिकारी बताकर पीडि़त पर पैसे भेजने का दबाव बनाया जाता था। व्यापारी को विश्वास दिलाया जाता था कि रकम जमा करने पर उसका नाम कथित पुलिस प्रकरण से हटा दिया जाएगा और सोना भी सुरक्षित मिल जाएगा।
बैंक खातों में जमा कराए 7 लाख से अधिक : पीडि़त ने पुलिस को बताया कि अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच उसने आरोपी के बताए विभिन्न बैंक खातों में 7.03 लाख रुपये से अधिक ऑनलाइन जमा किए। इन लेन-देन की रसीदें भी पुलिस को सौंप दी गई हैं। इसके अलावा कई बार नकद राशि भी दी गई, जिससे कुल रकम लगभग 25 लाख रुपये तक पहुंच गई।
पत्नी ने भी दिलाया भरोसा : शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी की पत्नी ने भी भरोसा दिलाया था कि यदि सोना उपलब्ध नहीं हो पाया तो वह अपने जेवर बेचकर पूरी रकम वापस कर देगी। इस आश्वासन के कारण भी पीडि़त लंबे समय तक आरोपी पर विश्वास करता रहा।
उधार लेकर भी देता रहा रकम : पीडि़त का कहना है कि आरोपी की बातों में आकर उसने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी के साथ-साथ रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर भी पैसे दिए। काफी समय बीतने के बाद जब न सोना मिला और न ही रकम वापस हुई, तब उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस की शरण ली।
बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज : कोतवाली पुलिस ने आरोपी विकास सोनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) एवं 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), डिजिटल साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


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