हाईकोर्ट बोला…प्रक्रिया चलेगी,अंतिम आदेश नहीं,दूसरे जिलों के आरक्षकों को प्रमोशन देने को चुनौती
बिलासपुर,06 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने साफ कहा कि, पुलिस विभाग प्रमोशन की विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है, लेकिन अगली सुनवाई तक किसी भी आरक्षक का अंतिम पदोन्नति आदेश जारी नहीं किया जाएगा। यह आदेश आरक्षकों की वरिष्ठता सूची में नियमों की अनदेखी के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया है। मामले की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। याचिका सुरेंद्र कुमार देशमुख की ओर से दायर की गई है, जिसमें राज्य शासन समेत अन्य को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में पुलिस मुख्यालय और विभागीय अधिकारियों पर आरोप लगाया गया है कि आरक्षकों की वरिष्ठता तय करने के स्थापित नियमों की अनदेखी कर प्रमोशन प्रक्रिया शुरू की गई है। विवाद उन आरक्षकों की वरिष्ठता को लेकर है,जो अपने खुद के अनुरोध पर एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर होकर गए हैं। नियमों के मुताबिक,यदि कोई आरक्षक स्वेच्छा से दूसरे जिले में स्थानांतरण लेता है, तो उसे नए जिले की वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे रखा जाना चाहिए। यानी उस जिले में पहले से पदस्थ आरक्षकों के ऊपर उसे वरीयता नहीं मिल सकती। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पुलिस विभाग इस नियम को दरकिनार कर ऐसे आरक्षकों को भी प्रमोशन के लिए पात्र मान रहा है, जो स्वेच्छा से ट्रांसफर होकर दूसरे जिले में आए हैं। आरोप है कि उनकी वरिष्ठता नए जिले में जॉइनिंग की तारीख से तय करने के बजाय उनकी मूल नियुक्ति तिथि के आधार पर गिनी जा रही है। इससे मूल जिले के आरक्षकों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है और वरिष्ठता सूची का पूरा क्रम बदल रहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और ‘छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक बल, आरक्षक (भर्ती, पदोन्नति और सेवा की शर्तें) नियम, 2007’ के तहत वरिष्ठता से जुड़े प्रावधानों और बाद में किए गए संशोधनों का अवलोकन किया। प्राथमिक तौर पर कोर्ट ने पाया कि विवादित मुद्दा वरिष्ठता निर्धारण और प्रमोशन प्रक्रिया से सीधे जुड़ा है, इसलिए मामले की विस्तृत सुनवाई जरूरी है।
इसी के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि, विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया फिलहाल जारी रह सकती है, लेकिन किसी भी कर्मचारी के पक्ष में अंतिम प्रमोशन आदेश जारी नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह रोक अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur