मध्य प्रदेश,24 जून 2026। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व पर इन दिनों एक बड़े और जानलेवा वायरस का साया मंडरा रहा है। इस बाघ अभयारण्य में केनाइन डिस्टेम्पर वायरस का प्रकोप लगातार विकराल रूप धारण कर रहा है, जिसने वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग की नींद उड़ा दी है। हाल ही में इस खतरनाक संक्रमण की चपेट में आकर एक और बाघ की दर्दनाक मौत हो गई है। मुक्की स्थित क्वॉरेंटाइन सेंटर में बाघ का सघन उपचार चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस नवीनतम घटना के साथ ही, पिछले लगभग दो महीनों के भीतर कान्हा टाइगर रिजर्व में इस घातक बीमारी से जान गंवाने वाले बाघों का आंकड़ा बढ़कर सात तक पहुंच गया है, जो एक बेहद चिंताजनक स्थिति की ओर इशारा कर रहा है। वन विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 4 जून 2026 को कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली परिक्षेत्र के अंतर्गत कक्ष क्रमांक 777 में संदूक खोल इलाके में एक बाघ बेहद कमजोर, लाचार और बीमार अवस्था में देखा गया था। नियमित गश्त पर निकले हाथी दल ने तुरंत इस गंभीर स्थिति की सूचना वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंची और सुरक्षित तरीके से बाघ को रेस्क्यू कर मुक्की के क्वॉरेंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया। रेस्क्यू किए गए बाघ की जब प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की गई, तो उसमें स्पष्ट रूप से केनाइन डिस्टेम्पर वायरस के गंभीर लक्षण दिखाई दिए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए वन विभाग ने तुरंत शीर्ष वन्यजीव स्वास्थ्य विशेषज्ञों को बुलवाया।
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