ओम प्रकाश सिन्हा बोले- सत्ता बचाने के लिए लगाया गया था आपातकाल,प्रेस और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हुआ था हमला
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,24 जून 2026 (घटती-घटना)। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के सबसे विवादित दौर आपातकाल (1975-77) की 51वीं बरसी पर एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। भाजपा जिला सरगुजा ने संकल्प भवन स्थित जिला कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित कर कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए। भाजपा नेताओं ने आपातकाल को लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए इसे कांग्रेस शासन की तानाशाही प्रवृत्ति का उदाहरण बताया। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा संगठन जिला प्रभारी बलरामपुर एवं पूर्व जिलाध्यक्ष जशपुर ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय संकट के कारण नहीं बल्कि अपनी सत्ता बचाने के लिए देश में आपातकाल लागू किया था। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा चुनाव निरस्त किए जाने के बाद तत्कालीन सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया। आपातकाल के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक लगाई गई, विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद किया गया तथा नागरिकों के अधिकारों को सीमित कर दिया गया।
लोकतंत्र की आवाज दबाने
का प्रयास था आपातकाल…
ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से नहीं चलता,बल्कि इसमें स्वतंत्र मीडिया, मजबूत न्यायपालिका और जनता की असहमति का सम्मान जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान इन सभी संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने भी उस समय की परिस्थितियों को लोकतंत्र के लिए गंभीर संकट बताया था। भाजपा नेता ने कहा कि आपातकाल की घटनाओं को याद करना इसलिए जरूरी है ताकि नई पीढ़ी समझ सके कि लोकतंत्र की रक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस की कार्यशैली पर उठाए सवाल प्रेसवार्ता में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आपातकाल केवल इतिहास की घटना नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति चेतावनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में आज भी विरोध की आवाजों को दबाने और संस्थाओं पर प्रभाव डालने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। हालांकि कांग्रेस की ओर से समय-समय पर यह कहा जाता रहा है कि आपातकाल एक ऐतिहासिक राजनीतिक निर्णय था,जिसकी समीक्षा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हो चुकी है।
विधायक प्रबोध मिंज बोले…लोकतंत्र सेनानियों का देश ऋणी
लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र करोड़ों लोगों के संघर्ष और संविधान निर्माताओं की सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिक अधिकारों का हनन हुआ और लोकतंत्र की मूल भावना को चोट पहुंची। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र,संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आपातकाल के विरोध में संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
मशाल जुलूस और कार्यक्रमों की जानकारी
जिला महामंत्री विनोद हर्ष ने बताया कि आपातकाल की बरसी के अवसर पर 24 जून की शाम भाजपा सरगुजा द्वारा मशाल जुलूस निकाला गया। इसके अलावा आगामी दिनों में सम्मेलन एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे,जिनमें आपातकाल के दौरान हुए घटनाक्रम और लोकतंत्र की रक्षा के महत्व पर चर्चा की जाएगी। प्रेसवार्ता में लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज,महापौर श्रीमती मंजूषा भगत,जिला महामंत्री विनोद हर्ष,जिला संवाद प्रमुख रूपेश दुबे और जशपुर नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत सहित भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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