नई दिल्ली,12 जून 2026। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट री-एग्जाम की तैयारियां पूरी मुस्तैदी से शुरू कर दी हैं। पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित होने जा रही इस परीक्षा को पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलावों की घोषणा की है। इन सुधारों के अंतर्गत परीक्षा की कॉपी के लेआउट से लेकर समय-सीमा तक में फेरबदल किया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का मानना है कि इन बदलावों से अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में बेहतर माहौल मिलेगा और वे बिना किसी मानसिक तनाव के अपना पेपर हल कर सकेंगे।
नीट री-एग्जाम की मुख्य वजह और परीक्षा की नई तिथि : गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नीट यूजी 2026 परीक्षा का आयोजन देश भर में 3 मई को किया गया था। परीक्षा के सुचारू संचालन के बाद 6 मई को इसकी प्रोविजनल आंसर-की भी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी गई थी। लेकिन इसी दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से पेपर लीक होने और अनियमितताओं की खबरें सामने आने लगीं। छात्रों के कड़े विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने नीट यूजी परीक्षा 2026 को पूरी तरह रद्द करने का फैसला किया। वर्तमान में इस पूरे पेपर लीक मामले की गहन जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही है। इस बीच, प्रभावित उम्मीदवारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा को दोबारा आयोजित करने का फैसला किया है और अब 21 जून को नीट री-एग्जाम का आयोजन प्रस्तावित किया गया है।
नीट पेपर हल करने के लिए अब मिलेंगे कुल 195 मिनट : समय प्रबंधन को लेकर भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने छात्रों को एक बहुत बड़ी राहत दी है। अब नीट री-एग्जाम को हल करने के लिए उम्मीदवारों को कुल 195 मिनट का समय दिया जाएगा। इसका मतलब है कि सामान्य परीक्षा अवधि की तुलना में छात्रों को इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अनुसार, पिछले कई वर्षों से छात्रों और विशेषज्ञों की तरफ से यह निरंतर फीडबैक मिल रहा था कि परीक्षा के दौरान कुछ अनिवार्य औपचारिकताओं के कारण उनका मुख्य समय बर्बाद हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा का समय बढ़ाकर 195 मिनट किया गया है। यह री-एग्जाम दोपहर 2ः00 बजे से शुरू होकर शाम 5ः15 बजे तक संचालित किया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षार्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर पुस्तिका यानी एग्जाम कॉपी के पारंपरिक लेआउट में अमूलचूल परिवर्तन किया है। अब तक की व्यवस्था के अनुसार, अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान रफवर्क करने के लिए काफी सीमित स्थान मिलता था, जिससे भौतिकी और रसायन विज्ञान के न्यूमेरिकल हल करने में भारी परेशानी होती थी। छात्रों की इसी समस्या को दूर करने के लिए अब कॉपी में रफवर्क के पेजों की संख्या को सीधे दोगुना कर दिया गया है।
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