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अम्बिकापुर @ मौसम के उतार-चढ़ाव से बढ़ी मौसमी बीमारियां,शिशु वार्ड के सभी बेड फुल

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-संवाददाता-
अम्बिकापुर,10 जून 2026 (घटती-घटना)।
पिछले कुछ दिनों से मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर पडऩे लगा है। कभी तेज गरज-चमक के साथ बारिश तो कुछ ही देर बाद तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गई है। इस मौसमीय अस्थिरता के कारण विशेषकर बच्चे सर्दी-खांसी, बुखार और उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु वार्ड के सभी बेड भर चुके हैं।
चिकित्सकों के अनुसार बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे मौसमी बीमारियां तेजी से फैलती हैं। अस्पताल में बड़ी संख्या में बच्चों का उपचार किया जा रहा है और जरूरत पडऩे पर उन्हें भर्ती भी किया जा रहा है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक इन दिनों जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 350 से 400 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीज गर्मी, उमस और मौसम परिवर्तन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से पीडि़त हैं। वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जे.के. रेलवानी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु रोग विभाग में 60 बेड की व्यवस्था है। पिछले कुछ दिनों से बीमार बच्चों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। ओपीडी में आने वाले बच्चों में से जरूरतमंद मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, जिससे भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग का एक भी बेड खाली नहीं है। यदि मरीजों की संख्या और बढ़ती है तो अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भर्ती बच्चों की निगरानी और उपचार में जुटी हुई है।
तापमान में भी हो रहा उतार-चढ़ाव
जून की शुरुआत से ही क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। सुबह और शाम बारिश होने के बाद दिन में तेज धूप निकल रही है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। बीते कई दिनों तक अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था, लेकिन पिछले दो दिनों में तापमान बढकर 38 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने सलाह दी है कि—
बाहर का खुला और दूषित भोजन खाने से बचें।
उबला या स्वच्छ पानी ही पिएं।
भोजन से पहले और नियमित रूप से हाथ धोएं।
बच्चों को बारिश में भीगने और तेज धूप में अधिक देर तक रहने से बचाएं।
सर्दी, खांसी, बुखार या उल्टी-दस्त के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा मच्छरों से बचाव के उपाय करें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।


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