सीबीएसई-नीट गड़बड़ी पर शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे,एसआईआर में करोड़ों वोटर के नाम काटे,इसके खिलाफ इंडिया ब्लॉक सीजेआई को लेटर लिखेगा : खड़गे

नई दिल्ली,08 जून 2026। इंडिया ब्लॉक की 2 साल बाद हुई 7वीं बैठक में सोमवार को 25 दलों के नेता शामिल हुए। दिल्ली में हुई इस बैठक में उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ऑनलाइन जुड़े,जबकि सोनिया गांधी,राहुल गांधी,मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले,कपिल सिब्बल समेत कई शामिल हुए। मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- 2 घंटे से ज्यादा चली बैठक में 5 मुद्दों पर सहमति बनी है। नीट में देश के युवाओं के साथ धोखा हुआ है। नीट और सीबीएसई की गड़बड़ी के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं,वह तुरंत इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि गठबंधन हर 2 महीने में महंगाई,बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर बैठक करेगा। एसआईआर और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर इंडिया ब्लॉक सीजेआई को लेटर भी लिखेगा। 8 अगस्त को अगली बैठक हैदराबाद में होगी। मानसून सत्र के दौरान भी विपक्ष बैठक करेंगे। दिल्ली की अकबर रोड पर सोमवार सुबह कुछ पोस्टर लगाए गए थे। हालांकि पोस्टर किसने लगाए इसका पता नहीं चल सका है। पोस्टर में राहुल गांधी की तस्वीर थी और कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी थी। दोपहर में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पोस्टर को फाड़ा। एक पोस्टर में एनसीपी-एससीपी चीफ शरद पवार की तस्वीर लगी थी, लिखा था- राहुल गांधी में कंसिस्टेंसी (स्थिरता) की कमी है।
3 साल में इंडिया ब्लॉक से 3 बड़ी पार्टियां अलग हुईं : खड़गे ने कहा कि आज की बैठक में 25 पार्टियां शामिल हुई हैं। वहीं, इंडिया ब्लॉक से बीते 3 साल में 3 पार्टियां अलग हो चुकी हैं। इनमें जेडीयू 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान,आप दिल्ली और हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान और डीएमके हाल में हुए तमिलनाडु चुनाव के बाद ब्लॉक से दूर हुई।
कांग्रेस नेता बोले…हमारा मकसद एक है…
इंडिया ब्लॉक की बैठक पर कांग्रेस नेता एम. वीरप्पा मोइली ने कहा…23 से ज्यादा पार्टियां एक साथ आई हैं। बाकी पार्टियों को कुछ मुद्दे हो सकते हैं,लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट नहीं हैं। क्योंकि हमारा मकसद एक ही है।
शरद बोले…सभी दलों को साथ रखना जरूरी
एनसीपी-एससीपी चीफ शरद पवार ने कहा…एक तरफ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार है, वहीं दूसरी तरफ वे दल हैं जो उसके नेतृत्व को स्वीकार नहीं करते। ऐसे सभी दल साथ आए हैं। गठबंधन के भीतर मौजूद मतभेदों को दूर करने के लिए वरिष्ठ और प्रतिष्ठित लोगों से बातचीत की जाएगी तथा कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा। पवार ने कहा कि मुझे भरोसा है कि इसका रास्ता निकलेगा। आज की बैठक में ऐसा फॉर्मूला पेश किया जाएगा, जिससे कोई भी पक्ष अपनी बात पर ज्यादा अडि़यल रुख न अपनाए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से सुप्रिया सुले बैठक में शामिल हुई हैं। बैठक के बाद दिल्ली में आगे चर्चा कर समाधान तलाशा जाएगा। अगले 2-3 सालों में कोई बड़ा चुनाव नहीं है, इसलिए यह समय सभी सहयोगी दलों को साथ रखने और गठबंधन को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस विधायक बोले…2029 में
इंडिया ब्लॉक की सरकार बनेगी…
बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने कहा… इंडिया ब्लॉक का उद्देश्य भाजपा की जनविरोधी नीतियों को जनता के सामने उजागर करना है। 2029 में ब्लॉक भाजपा और नरेंद्र मोदी सरकार को हराकर अपनी सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा अपने सहयोगियों की अनदेखी करती है।
पवार बोले…सभी सीनियर से
चर्चा करके समाधान निकालेंगे…
इंडिया ब्लॉक की पिछली बैठक एक जून 2024 को दिल्ली में खड़गे के घर पर हुई थी। यानी, पूरे 2 साल के बाद गठबंधन के नेता एकसाथ जुटे। इस बैठक पर एनसीपी-एससीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि मौजूदा समय में ब्लॉक के सभी दलों को एकजुट रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार है, वहीं दूसरी तरफ वे दल हैं जो उसके नेतृत्व को स्वीकार नहीं करते। ऐसे सभी दल साथ आए हैं। गठबंधन के भीतर मौजूद मतभेदों को दूर करने के सभी सीनियर लोगों से बातचीत की जाएगी और कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा। पवार ने कहा कि मुझे भरोसा है कि इसका रास्ता निकलेगा। अगले 2-3 सालों में कोई बड़ा चुनाव नहीं है, इसलिए यह समय सभी सहयोगी दलों को साथ रखने और गठबंधन को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
खड़गे बोले…उद्धव ठाकरे और
हेमंत सोरेन बैठक में वर्चुअली जुड़े
इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वर्चुअली बैठक में शामिल हुए और अपनी राय रखी।
खड़गे बोले…संविधान पर हमले जारी हैं
बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- संविधान पर हमले जारी हैं और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। आर्थिक माहौल कमजोर है और निवेश अपेक्षित गति से नहीं आ रहा, जिससे रोजगार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में मिसमैनेजमेंट हुआ, जिससे लाखों युवाओं की उम्मीदों पर असर पड़ा है। 17 अप्रैल 2026 के दिन सभी विपक्षी दलों ने लोकसभा में एकजुट होकर परिसीमन से जुड़े विधेयकों को हराने में भूमिका निभाई थी। इसी एकता को आगे भी मजबूत करने की जरूरत है।
यूपी सरकार के मंत्री संजय निषाद बोले…इंडिया ब्लॉक में एकता नहीं
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा- इंडिया ब्लॉक के नेता अवसरवादी हैं। ये सभी दल कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों के विरोध में बने थे। उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल दलों के बीच वास्तविक एकता नहीं है। अंदर ही अंदर ये एक-दूसरे के खिलाफ हैं। गठबंधन कागज पर हो सकता है,लेकिन एकता कहां है? ये सभी एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, इसलिए चुनाव आते ही अलग-अलग रास्ते चुन लेते हैं। निषाद ने दावा किया कि विपक्षी दलों के बीच वैचारिक और राजनीतिक मतभेद इतने गहरे हैं कि उनके लिए लंबे समय तक साथ बने रहना मुश्किल है।
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