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रायपुर@छत्तीसगढ़ शराब घोटाला…ईडी ने 1200 करोड़ की संपत्तियां अटैच की

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गोवा का लग्जरी होटल भी जांच के घेरे में,कारोबारी भाटिया-निखिल,टी. भुनेश्वर राव-प्रबीर शर्मा भी आरोपी

रायपुर,01 जून 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1200 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने 28 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत तीन अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए। कुर्क संपत्तियों की डीड वैल्यू करीब 200 करोड़ रुपए जबकि बाजार मूल्य 1000 करोड़ रुपए से अधिक बताया गया है।
रायपुर में जमीनें, बेनामी संपत्तियां भी कुर्क : पहले कुर्की आदेश में विकास अग्रवाल और अनवर ढेबर से जुड़ी अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। ईडी के मुताबिक विकास अग्रवाल सिंडिकेट के वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता था और डिस्टिलरियों तथा स्नरु-10्र लाइसेंसधारकों से कमीशन की रकम जुटाकर सिंडिकेट तक पहुंचाता था। कार्रवाई के तहत रायपुर स्थित ढेबर सिटी होम्स के कई भूखंडों के अलावा विभिन्न शेल कंपनियों के नाम पर खरीदी गई जमीनों को भी कुर्क किया गया है। इन संपत्तियों का मूल्य करीब 30 करोड़ रुपए बताया गया है।
शराब घोटाले के पैसे से खरीदा गया गोवा का होटल : दूसरे कुर्की आदेश में उत्तर गोवा के अंजुना स्थित प्रीमियम होटल ‘वेस्टइन गोवा’ को अटैच किया गया है। होटल पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है। ईडी का दावा है कि करीब 110 करोड़ रुपए की लागत से खरीदी गई यह संपत्ति शराब घोटाले से प्राप्त बेहिसाबी नकदी से खरीदी गई थी। जांच में चैतन्य बघेल के निर्देश पर नकदी के परिवहन का भी उल्लेख किया गया है।
तीन कंपनियों के खाते और निवेश जब्त : तीसरे आदेश के तहत ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड अटैच किए गए हैं। ईडी का आरोप है कि इन कंपनियों को अपने मुनाफे का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा सिंडिकेट को देने के लिए मजबूर किया जाता था। इससे करीब 51 करोड़ रुपए की अवैध कमाई हुई। ईडी ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में छठी पूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है। इसमें कारोबारी विजय भाटिया, टी. भुनेश्वर राव, प्रबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर को आरोपी बनाया गया है।
ईडी के अनुसार प्रबीर शर्मा सिंडिकेट के लिए करोड़ों रुपए नकद परिवहन करता था, जबकि विजय भाटिया का ओम साई बेवरेजेस में बेनामी हिस्सेदारी से संबंध सामने आया है। चार नए आरोपियों के जुड़ने के बाद शराब घोटाले से जुड़े पीएमएलए मामले में आरोपियों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
सिंडिकेट का संचालन करते थे ढेबर-टुटेजा
ईडी के अनुसार,आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और एसीबी रायपुर की एफआईआर के आधार पर हुई जांच में सामने आया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच एक संगठित शराब सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था में हेरफेर कर 2883 करोड़ रुपए से अधिक की अपराध आय अर्जित की। जांच एजेंसी का दावा है कि इस सिंडिकेट का संचालन अनवर ढेबर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के नेतृत्व में किया जा रहा था।


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