नई दिल्ली,01 जून 2026। भारत और म्यांमार ने आर्थिक एवं सुरक्षा सहयोग तथा संपर्क सुविधाओं के विस्तार पर सहमति व्यक्त की है। आधारभूत परियोजनाओं को लागू करने तथा व्यापार एवं द्विपक्षीय सहयोग में बढ़ोतरी का भी फैसला किया गया है। इसके साथ ही पड़ोसी देश की ओर से आश्वासन दिया गया है कि भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ उसकी भूमि का उपयोग नहीं होने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच सोमवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई। चर्चा में व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, विकास सहयोग,सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने स्वास्थ्य,शिक्षा,ऊर्जा,कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। राष्ट्रपति ह्लाइंग 30 मई से 3 जून तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। अप्रैल 2026 में पद संभालने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। मूल रूप से उन्हें ‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ शिखर सम्मेलन में भाग लेना था, लेकिन सम्मेलन स्थगित होने के बाद इस अवसर का उपयोग द्विपक्षीय वार्ता के लिए किया गया। म्यांमार के राष्ट्रपति के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इसमें पांच कैबिनेट मंत्री, तीन उपमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur