रायपुर,29 मई 2026। कर्नाटक की राजनीति में आए अचानक भूचाल और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के अपने पद से इस्तीफे के एलान के बाद, छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में एक बार फिर पुराना ‘ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला’ चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। इस बड़े राजनैतिक घटनाक्रम ने छत्तीसगढ़ में साल 2018 के बाद कांग्रेस शासन के दौरान चली लंबी अंदरूनी खींचतान और सत्ता परिवर्तन की दबी हुई बहसों को दोबारा जिंदा कर दिया है। कर्नाटक में हुए इस बड़े फेरबदल के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वर्तमान भाजपा सरकार के मंत्रियों के बीच जुबानी जंग का एक नया दौर शुरू हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान, कहा…हाईकमान ने कभी नहीं मांगा इस्तीफा
इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए रायपुर में मीडिया से खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व (हाईकमान) ने उनसे उनके पांच साल के कार्यकाल के दौरान कभी भी इस्तीफा देने को नहीं कहा था। बघेल ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि जब उन्होंने साल 2018 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब पहले ही दिन से मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तैर रहा था कि क्या वह केवल ढाई साल के लिए इस कुर्सी पर बैठे हैं।
विपक्ष के भ्रम और हाईकमान के
आदेश को लेकर बघेल ने दी सफाई
भूपेश बघेल ने अपनी निष्ठा और पार्टी अनुशासन का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के पहले दिन ही यह साफ कर दिया था कि जिस वक्त भी पार्टी हाईकमान का एक फोन आ जाएगा,वह तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूरे पांच साल के कार्यकाल के दौरान उन्हें केंद्रीय नेतृत्व से हटने का ऐसा कोई निर्देश या संकेत नहीं मिला। बघेल के अनुसार,विपक्ष (भाजपा) ने केवल सरकार को अस्थिर दिखाने और जनता के बीच भ्रम का माहौल पैदा करने के लिए लगातार ‘ढाई-ढाई साल’ के इस कथित फॉर्मूले का दुष्प्रचार किया था।
भाजपा का पलटवार,
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस को घेरा
भूपेश बघेल के इस बयान पर छत्तीसगढ़ के मौजूदा वित्त मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता ओपी चौधरी ने जोरदार पलटवार किया है। ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस के भीतर चले इस भीषण सत्ता संघर्ष को बेहद करीब से और खुलकर देखा है। उनके मुताबिक,यह कोई छिपा हुआ सच नहीं है कि किस तरह तत्कालीन सरकार के दौरान दो बड़े नेताओं के बीच कुर्सी को लेकर खींचतान चलती रही और पूरी सरकार दो गुटों में बंटकर रह गई थी, जिसका सीधा नुकसान राज्य के विकास को उठाना पड़ा।
जिम्मेदारी का फैसला
हाईकमान करता है : टीएस सिंहदेव
भूपेश बघेल के इस बयान पर पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि कई बातें बंद कमरे में होती हैं और उनकी मर्यादा रखना सभी का राजनीतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि किसे क्या जिम्मेदारी मिलेगी, यह फैसला हाईकमान करता है।
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