Breaking News

खड़गवां@ किसानों की खाद या नेताओं-बिचौलियों की दावत?

Share


1800 बोरी खाद बेचने की कबूली बात से मचा हड़कंप
खाद घोटाले में खुलती जा रही नई परतें
-राजेन्द्र शर्मा-
खड़गवां,26 मई 2026 (घटती-घटना)।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में हुए बहुचर्चित खाद घोटाले ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप लेना शुरू कर दिया है, समिति प्रबंधक अखिल चंद्र की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोप है कि किसानों के लिए आई हजारों बोरी खाद बिचौलियों के माध्यम से बेच दी गई। पुलिस ने दो दिन पहले अखिल चंद्र को जिल्दा क्षेत्र से गिरफ्तार किया था, पूछताछ में उसने कथित रूप से स्वीकार किया कि करीब 1800 बोरी खाद जिल्दा निवासी तुलसी साहू को बेची गई थी, वहीं लगभग 1200 बोरी खाद पोड़ी क्षेत्र के एक अन्य बिचौलिया को खपाए जाने की बात भी सामने आई है, हालांकि उस व्यक्ति का नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
201 बोरी बरामदगी के बाद भी कार्रवाई अधूरी?- शुक्रवार को बैमा-सागरपुर पुलिस ने अखिल चंद्र की निशानदेही पर 201 बोरी खाद बरामद की,इस दौरान भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष शुभम जायसवाल और कांग्रेस ब्लॉक उपाध्यक्ष विजय जायसवाल को भी पूछताछ के लिए लाया गया था,लेकिन बाद में दोनों को छोड़ दिया गया, अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब खाद बरामद हुई तो फिर हिरासत में लिए गए लोगों को किस आधार पर छोड़ा गया? क्या कार्रवाई राजनीतिक दबाव में प्रभावित हो रही है? व्यंग्य यह भी है कि प्रदेश स्तर पर 350 बोरी खाद जब्ती की बात कही जा रही है, जबकि स्थानीय पुलिस सिर्फ 201 बोरी खाद बरामद होने की जानकारी दे रही है। ऐसे में आंकड़ों का यह अंतर भी संदेह पैदा कर रहा है।
कई नाम आए सामने, जांच पर उठे सवाल
मामले में जिलीबांध निवासी संत कुमार जायसवाल का नाम भी सामने आया है, जिन्हें करीब 50 बोरी खाद बेचे जाने की चर्चा है, वहीं पोड़ी पंचायत के बरपारा निवासी शिक्षक सतीश साहू का नाम भी कथित खरीदारों में शामिल बताया जा रहा है, जांच के दौरान तेलईमुंडा, जिला सूरजपुर निवासी रमेश साहू को भी पुलिस पूछताछ के लिए पोड़ी चौकी लाई, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों के पास से खाद बरामद होने की बात सामने आई, उनमें से कई को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
ग्रामीणों में नाराजगी, निष्पक्ष जांच की मांग
घोटाले को लेकर किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है,लोगों का आरोप है कि किसानों के लिए आई खाद को संगठित तरीके से बिचौलियों तक पहुंचाया गया और अब पूरे मामले को दबाने की कोशिश हो रही है, ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए, चाहे उनका राजनीतिक या सामाजिक रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@पूर्व सैनिकों का किया गया सम्मान…

Share पूर्व सैनिकों एवं सैनिक परिवारों के कल्याण संबंधी विषयों पर हुई चर्चा अम्बिकापुर,26 मई …

Leave a Reply