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पूर्व विधायक गुलाब कमरो बोले…‘न घोषणा हुई,न समाधान,फिर कैसा सुशासन?
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद गरमाई सियासत
कोरिया,25 मई 2026 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुशहा में आयोजित‘सुशासन तिहार’अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अचानक दौरे और चौपाल कार्यक्रम के बाद अब विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। एक तरफ मुख्यमंत्री ग्रामीणों की समस्याएं सुनते नजर आए,वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम के दौरान भाजपा के भीतर की नाराजगी भी खुलकर सामने आ गई। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने साय सरकार और स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है।
विधायक नदारद,कार्यकर्ता परेशान, भाजपा पदाधिकारी की शिकायत– सुशासन तिहार के दौरान माहौल उस समय असहज हो गया जब भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री के सामने ही अपनी नाराजगी जाहिर कर दी,उन्होंने खुलकर शिकायत करते हुए कहा कि क्षेत्र की भाजपा विधायक जनता और कार्यकर्ताओं से दूर रहती हैं तथा लोगों की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है, भाजपा पदाधिकारी के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी,विपक्ष ने इसे सरकार के ‘सुशासन मॉडल’ पर सवाल खड़े करने वाला बयान बताया, स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज हो गई कि यदि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता ही नाराज हैं, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गुलाब कमरो का हमला…सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट चल रहा…
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मुख्यमंत्री के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरे कार्यक्रम में केवल दिखावा ज्यादा और समाधान कम नजर आया, उन्होंने कहा कि सोनहत क्षेत्र की जनता को इस दौरे से कोई बड़ी सौगात नहीं मिली,कमरो ने तंज कसते हुए कहा बड़ी घोषणाएं तो दूर,मुख्यमंत्री छोटी सी सौगात तक देकर नहीं गए,न पेयजल संकट का स्थायी समाधान हुआ,न विकास को लेकर कोई ठोस घोषणा हुई,फिर आखिर इसे सुशासन कैसे कहा जाए? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल प्रचार और कार्यक्रमों के जरिए माहौल बनाने में लगी हुई है,जबकि जमीनी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
सुशासन का गुब्बारा खुद भाजपा ने फोड़ा
गुलाब कमरो ने कहा कि भाजपा सरकार जिस‘सुशासन’ का दावा कर रही है, उसकी सच्चाई अब उनके अपने ही कार्यकर्ता उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सामने भाजपा पदाधिकारी द्वारा की गई शिकायत यह साबित करती है कि क्षेत्र में अंदरूनी असंतोष गहराता जा रहा है,कमरो ने आरोप लगाया कि कोरिया जिले में आज भी लोग बिजली,पानी,सड़क और आवास जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं,उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय चौपाल और आयोजनों के जरिए राजनीतिक संदेश देने में ज्यादा व्यस्त दिखाई दे रही है।
चौपाल के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
मुख्यमंत्री के अचानक दौरे और चौपाल के दौरान दिए गए निर्देशों को भाजपा सरकार ‘सरकार आपके द्वार’मॉडल के रूप में पेश कर रही है,वहीं विपक्ष इसे ‘इवेंट आधारित राजनीति’ करार दे रहा है, कुशहा चौपाल के बाद अब जिले की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है, एक तरफ सरकार इसे संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष सवाल उठा रहा है कि यदि समस्याएं इतनी गंभीर हैं, तो अब तक उनका समाधान क्यों नहीं हुआ, फिलहाल इतना तय है कि कुशहा का यह चौपाल केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं रहा,बल्कि उसने सत्ता और संगठन दोनों के भीतर की हलचल को भी खुलकर सामने ला दिया है।
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