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अंबिकापुर@पार्षद के स्पष्टीकरण के बाद भी नहीं थमा वार्डवासियों का गुस्सा, समस्याओं को लेकर फिर उठी आवाज

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सड़क,नाली, सफाई और आवारा सांडों की समस्या से परेशान लोग, विकास कार्यों के दावों के बीच बढ़ी नाराजगी

अंबिकापुर 24 मई 2026। नगर निगम के शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक 28 में स्थानीय समस्याओं को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। वार्ड की बदहाल व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं की कमी और जनप्रतिनिधि तक पहुंच न होने की शिकायतों को लेकर पहले उठी आवाज के बाद अब मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। समाचार प्रकाशित होने के बाद पार्षद दीपक यादव ने सामने आकर अपने एक वर्ष के कार्यकाल का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक किया और विकास कार्यों की सूची जारी कर स्पष्टीकरण दिया।
पार्षद दीपक यादव ने दावा किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद पिछले एक वर्ष में वार्ड में लगातार विकास कार्य कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति नहीं बल्कि वार्ड के हर मोहल्ले तक विकास पहुंचाना है। साथ ही उन्होंने वार्डवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि कार्यकाल के दौरान उनसे कोई गलती हुई हो तो वे हाथ जोड़कर क्षमा मांगते हैं और आगे भी जनता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
पार्षद ने गिनाए एक वर्ष में कराए गए कार्य
पार्षद द्वारा जारी सूची के अनुसार वार्ड में सीसी रोड, नाली निर्माण, पुलिया निर्माण, डामरीकरण और जल निकासी से जुड़े कुल 13 प्रमुख कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें आगनबाड़ी गली में सीसी रोड निर्माण, माइकल गली में पाइप लाइन बिछाने का कार्य, भट्टी रोड से प्रतापपुर रोड तक डामरीकरण, राजकुमार गली और लाला पारा में नाली निर्माण, चर्च रोड और मल्होत्रा गली में नाली ऊंची कर ढक्कन लगाने का कार्य, एकता हॉस्पिटल के पास नई पुलिया निर्माण जैसे काम शामिल बताए गए हैं।
पार्षद ने दावा किया कि इन सभी कार्यों पर लगभग 50 लाख रुपये की लागत आई है। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वार्ड में अभी कई आवश्यक कार्य बाकी हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा।
स्पष्टीकरण के बाद फिर उठीं शिकायतें
हालांकि पार्षद के स्पष्टीकरण के बाद भी वार्डवासियों की नाराजगी कम होती नजर नहीं आ रही है। सोशल मीडिया और स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुपों में लोगों ने अपनी समस्याएं दोबारा उठानी शुरू कर दी हैं। कई नागरिकों का कहना है कि विकास कार्य हुए जरूर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
एक स्थानीय नागरिक ने गणेश दादा गली में आवारा सांडों के आतंक का मुद्दा उठाते हुए लिखा कि “किसी दिन किसी बच्चे की जान न चली जाए, इस पर भी ध्यान दीजिए। कई बार ग्रुप में संदेश दिया जा चुका है।” लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नगर निगम या जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
आवारा सांडों से बढ़ी दहशत
वार्डवासियों के अनुसार मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर घूमने वाले आवारा सांड अब लोगों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। सुबह और शाम के समय सांडों के आपस में लड़ने और अचानक दौड़ने से महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा भयभीत रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। एक महिला निवासी ने बताया कि बच्चों को बाहर भेजने में डर लगता है। “कभी भी सांड दौड़ाने लगते हैं। शिकायत के बाद भी पकड़ने कोई नहीं आता,” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा।
मल्होत्रा गली में टूटे नाली ढक्कन
वहीं मल्होत्रा गली के रहवासियों ने बताया कि हाल ही में नाली ऊंची कर ढक्कन लगाने का कार्य कराया गया था, लेकिन कुछ ही समय में कई ढक्कन टूट गए हैं। लोगों का कहना है कि टूटे ढक्कनों की वजह से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। रहवासियों ने तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्यों के बाद नियमित निगरानी नहीं होने से कई जगहों पर काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
“पार्षद से मिलना बालू में सुई खोजने जैसा”
वार्ड में यह चर्चा भी तेजी से फैल रही है कि चुनाव के दौरान हर गली-मोहल्ले में सक्रिय दिखाई देने वाले जनप्रतिनिधि अब आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं।
हालाकि कुछ वार्डवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “चुनाव के समय हर गली में दिखाई देते थे, अब समस्या लेकर जाओ तो मिलने तक में परेशानी होती है।” कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि “पार्षद से मिलना अब बालू में सुई खोजने जैसा हो गया है।”
कुछ लोगों ने किया समर्थन
हालांकि वार्ड के सभी लोग नाराज नहीं हैं। कुछ वार्डवासियों ने पार्षद द्वारा कराए गए कार्यों की सराहना भी की है। स्थानीय निवासी परमेश मिश्रा ने दीपक यादव को एक वर्ष के भीतर किए गए विकास कार्यों के लिए बधाई देते हुए कहा कि उम्मीद है आने वाले वर्षों में भी वे वार्डवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे। उन्होंने कहा कि वार्ड में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं और यदि इसी तरह विकास जारी रहा तो आने वाले समय में और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
जनता अब चाहती है त्वरित समाधान
इसके बावजूद वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को लेकर असंतोष पूरी तरह खत्म होता नजर नहीं आ रहा। सड़क, नाली, सफाई, स्ट्रीट लाइट और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर लोग लगातार आवाज उठा रहे हैं।
वार्डवासियों का कहना है कि विकास कार्यों की सूची जारी करना अच्छी बात है, लेकिन जनता अब केवल घोषणाएं और दावे नहीं, बल्कि समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान चाहती है। लोगों ने मांग की है कि वार्ड स्तर पर नियमित जनसुनवाई हो, सफाई और स्ट्रीट लाइट की निगरानी बढ़ाई जाए तथा आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्षद दीपक यादव और नगर निगम प्रशासन वार्डवासियों की नई शिकायतों और सुझावों पर कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करते हैं।


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