-संवाददाता-
अम्बिकापुर,06 मई 2026 (घटती-घटना)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए आयोजित उमंग समर कैंप का पांचवा दिन आज खुशी दिवस के रूप में मनाया गया और बच्चों ने आज के लिए सुविचार लिये कि मैं खुशनुमा आत्मा हूं। आज के दिवस का शुभारंभ मेडिटेशन से किया गया। इसके पश्चात ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी जी ने खुशनुमा जीवन पर अपने विचार रखते हुए कहा कि खुशनुमा जीवन ही हमारे मनुष्य जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। कोई भी बाहरी साधन वस्तु , वैभव या व्यक्ति हमें स्थाई खुशी नहीं दे सकता। जब हम निस्वार्थ भाव से किसी की मदद करते हैं तो हमें सच्ची खुशी मिलती है हमारे आंतरिक गुण ही हमको सच्ची खुशी दे सकती है आगे उन्होंने कहा कि बाहरी परिस्थिति हमें दुखी नहीं करती पर हमारा उसके प्रति नजरिया हमें दुख देता है।
खुशहाल जीवन के चार मूल मंत्र :
दृष्टिकोण (एटीट्यूड) : हर परिस्थिति में सकारात्मक सोच रखें।
संतुलन (बैलेंस) : शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन में संतुलन जरूरी है।
सहयोग (कोऑपरेशन) : एक-दूसरे की मदद करते हुए आगे बढ़ें।
न्यारापन (डिटैचमेंट) : कर्म करें, लेकिन फल की चिंता न करें।
गतिविधियों में दिखा उत्साह : इसके बाद बीके ज्योति बहन ने बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने के लिए माइंड जिम गेम्स कराए, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने दिए गए विषय पर अपनी कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
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