हाइवे से दिख रही लपटें,महुआ बीनने की परंपरा बनी वजह…वन्यजीवों पर खतरा
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,29 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर क्षेत्र अंतर्गत कुंवरपुर जंगल में भीषण आग लग गई है। आग पिछले दो दिनों से लगातार फैल रही है और अब तक करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है।
अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे से सटे इस जंगल में उठती आग की लपटें दूर से ही साफ दिखाई दे रही हैं। आग की वजह से इमारती पेड़ों के साथ छोटे पौधे भी जलकर खाक हो चुके हैं। मौके पर वन विभाग की टीम आग बुझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन भीषण गर्मी और तेज फैलाव के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। हालात यह हैं कि आग के पास पहुंचना भी जोखिम भरा हो गया है।
महुआ बीनने के लिए लगाई जाती है आग : क्षेत्र में हर साल गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। इसके पीछे मुख्य कारण महुआ बीनने की पारंपरिक पद्धति बताई जाती है। ग्रामीण महुआ के फल जल्दी गिराने के लिए पेड़ों के नीचे आग लगा देते हैं,जिससे फल नीचे गिर जाते हैं और उन्हें आसानी से बीन लिया जाता है। लेकिन यही आग कई बार अनियंत्रित होकर बड़े क्षेत्र को नुकसान पहुंचा देती है। आग की चपेट में आने से छोटे जीव-जंतुओं का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। जंगल में फैली आग पर्यावरण और जैव विविधता के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
पहले भी लग चुकी है आग : गौरतलब है कि सप्ताह भर पहले मैनपाट के जंगलों में भी भीषण आग लगी थी, जिससे बड़े क्षेत्र में नुकसान हुआ था।
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