Breaking News

कोरिया/रायपुर@ रोशनी बांटने वालों के घर में ही अंधेरा

Share


560 परिवारों के सामने आजीविका का संकट, उग्र आंदोलन की तैयारी में कर्मचारी
क्रेडा के 560 ‘सौर योद्धा’ सड़क परः अंधेरे में भविष्य,क्या ठप हो जाएंगी छत्तीसगढ़ की सौर परियोजनाएं?
क्रेडा में बड़ी छंटनीः 560 तकनीशियन बाहर,छत्तीसगढ़ में ठप्प हो सकती है सौर पेयजल और सिंचाई व्यवस्था
राजन पाण्डेय
कोरिया/रायपुर 15 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)।
छत्तीसगढ़ के कोने-कोने को अपनी मेहनत से रोशन करने वाले 560 क्लस्टर तकनीशियनों के घरों में आज खुद अंधेरा छा गया है, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण द्वारा 1 अप्रैल 2026 से इन अनुभवी कर्मचारियों को अचानक सेवा से बाहर किए जाने के फैसले ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है।
12 साल की सेवा का मिला ‘बेदखली’ का इनाम-
प्रभावित तकनीशियनों का दर्द छलक उठा है। उनका कहना है कि पिछले 10 से 12 वर्षों तक उन्होंने उन दुर्गम इलाकों और वनांचलों में सौर ऊर्जा संयंत्रों और ‘सौर सुजला योजना’ को जीवित रखा, जहाँ पहुंचना भी बड़ी चुनौती थी, बिना किसी पूर्व सूचना के सेवा समाप्ति के इस फरमान ने 560 परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
करोड़ों की परियोजनाएं और ग्रामीण व्यवस्था दांव पर-
विशेषज्ञों और जानकारों की मानें तो इन तकनीशियनों की विदाई केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है,बल्कि यह राज्य की महत्वपूर्ण योजनाओं की ‘बलि’ देने जैसा है,जल जीवन मिशन में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति पूरी तरह चरमरा सकती है, सौर सुजला योजना किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर सीधा प्रहार होगा, वनांचल की रोशनी सोलर हाई मस्ट और होम लाइट के रखरखाव के अभाव में गांव फिर से अंधेरे में डूब सकते हैं।
वेतन भी अटका, आर्थिक बदहाली की कगार पर कर्मचारी
दुःखद पहलू यह है कि सेवा समाप्ति के साथ-साथ इन कर्मचारियों का मार्च 2026 तक का वेतन भी विभाग ने ‘फंड की कमी’ का हवाला देकर रोक दिया है,सालों तक अपनी जिंदगी राज्य के विकास में खपाने वाले इन युवाओं के पास अब रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं।
यह केवल सेवा समाप्ति नहीं,बल्कि गरीब और मेहनतकश युवाओं के पेट पर लात मारना है : गुलाब कमरो
कांग्रेस के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि क्रेडा के ये 560 तकनीशियन छत्तीसगढ़ की ऊर्जा शक्ति की रीढ़ हैं,इन्होंने उस वक्त जंगलों और पहाड़ों पर जाकर सौर लाइटें जलाईं जब वहां पहुंचना भी मुमकिन नहीं था,आज सरकार फंड का रोना रोकर उन्हें बाहर निकाल रही है,यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है, एक तरफ सरकार बड़े-बड़े विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च कर रही है और दूसरी तरफ इन युवाओं का मार्च तक का वेतन भी डकार गई है,मैं सरकार को चेतावनी देता हूँ कि इन तकनीशियनों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करें। अगर इनकी तत्काल बहाली नहीं हुई और बकाया वेतन नहीं मिला, तो हम सड़क से लेकर सदन तक की लड़ाई लड़ेंगे। हम इन परिवारों को बेसहारा नहीं होने देंगे। ‘
योजनाएं फेल करने की साजिश है अनुभवी तकनीशियनों की छंटनीः पारस राजवाड़े
पूर्व विधायक भटगांव पारस राजवाड़े ने कहा कि क्रेडा के माध्यम से संचालित सौर सुजला और जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं आज इन्हीं 560 क्लस्टर तकनीशियनों के भरोसे चल रही हैं। इन्हें सेवा से बाहर करना सीधे तौर पर प्रदेश के किसानों और ग्रामीणों के हितों पर हमला है, बिना तकनीशियनों के करोड़ों के सोलर पंप और लाइटें महज कुछ महीनों में कबाड़ बन जाएंगी, जिससे सरकारी राजस्व की भारी क्षति होगी, विभाग फंड की कमी का जो हवाला दे रहा है, वह सरासर गलत प्रबंधन का नतीजा है, सरकार को अपनी प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। हमारी मांग है कि इन अनुभवी कर्मचारियों को अनुभव का लाभ देते हुए विभाग में समायोजित किया जाए और उनका रुका हुआ वेतन ससम्मान जारी किया जाए,हम इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे, फंड की कमी का बहाना बनाकर 560 परिवारों के चूल्हे बुझाना शर्मनाक है, यदि सरकार ने जल्द ही इन्हें बहाल नहीं किया, तो हम जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस के पूर्व विधायको की मांगें…बकाया भुगतान
मार्च 2026 तक का रुका हुआ पूरा वेतन तत्काल जारी किया जाए, सेवा बहालीः अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर सभी 560 तकनीशियनों को तत्काल काम पर वापस लिया जाए।


Share

Check Also

एमसीबी@ एमसीबीनारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भव्य पदयात्रा

Share महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारीएमसीबी,15 अप्रैल 2026(घटती-घटना)। जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ में आज 15 …

Leave a Reply