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मनेंद्रगढ़@मनेंद्रगढ़ में परिवहन नियमों की खुली अनदेखी,विभाग की भूमिका पर सवाल, नंबर प्लेट छुपाकर दौड़ रहीं बसें

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  • नियम कागजों में सख्त…सड़कों पर लापरवाही


-संवाददाता-
मनेंद्रगढ़,14 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। मनेंद्रगढ़ शहर क्षेत्र में परिवहन नियमों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है,जहां कई निजी बसें नंबर प्लेट छुपाकर सड़कों पर संचालित हो रही हैं। यह स्थिति न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है,बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ संबंधित विभाग की जानकारी में होने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई,तो यह लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना या आपराधिक घटना का कारण बन सकती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,शहर में कई निजी बसें नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ कर संचालित की जा रही हैं,बसों के आगे नंबर प्लेट पर कागज चिपकाया जा रहा है, कई बसों में नंबर आंशिक रूप से ढक दिए गए हैं, कुछ मामलों में कपड़ा या अन्य सामग्री लगाकर नंबर पूरी तरह छुपाया गया है उदाहरण के तौर पर, एक बस क्रमांक ष्टत्र १६ ष्टक्क 50.. को इस तरह संचालित होते देखा गया,जिसमें नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही थी। यह तरीका जानबूझकर पहचान छुपाने का संकेत देता है।
आगे-पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट का मामला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,कुछ बसों में आगे और पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट लगाए गए हैं,यह स्थिति और भी गंभीर है,क्योंकि इससे वाहन की वास्तविक पहचान संदिग्ध हो जाती है,जांच एजेंसियों के लिए सही जानकारी जुटाना मुश्किल हो जाता है यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है और आपराधिक गतिविधियों की आशंका को भी बढ़ाता है।
दुर्घटना और अपराध की स्थिति में बढ़ता खतरा
नंबर प्लेट छुपाने का सबसे बड़ा जोखिम यह है कि दुर्घटना होने पर वाहन की पहचान नहीं हो पाती,हिट एंड रन जैसे मामलों में दोषी को पकड़ना कठिन हो जाता है,किसी भी आपराधिक घटना में वाहन की ट्रैकिंग लगभग असंभव हो जाती ह, इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा से जुड़ी हुई है।
मोटरयान अधिनियम का सीधा उल्लंघन
मोटरयान अधिनियम के तहत हर वाहन में स्पष्ट, मानक और पढ़ने योग्य नंबर प्लेट होना अनिवार्य है,इसके बावजूद नंबर प्लेट को ढंकना,आंशिक रूप से छुपाना या गलत नंबर प्रदर्शित करना कानून का सीधा उल्लंघन है,इसके लिए कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान भी है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन होता नजर नहीं आ रहा।
परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल परिवहन विभाग की भूमिका पर उठ रहा है,क्या विभाग को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं है? यदि जानकारी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना विभागीय लापरवाही या मिलीभगत के इस तरह की गतिविधियां संभव नहीं हैं।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
शहर के नागरिकों में इस मामले को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है,लोगों का कहना है कि नियमों का पालन आम लोगों से सख्ती से कराया जाता है लेकिन बड़े वाहन संचालकों के मामले में ढील बरती जा रही है यह स्थिति कानून के समान अनुपालन पर भी सवाल खड़ा करती है।
जांच और कार्रवाई की मांग…
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जाए, सभी बसों की नंबर प्लेट की जांच की जाए, दोषी संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए इसके साथ ही, संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
लापरवाही बनी खतरा
मनेंद्रगढ़ में सामने आया यह मामला स्पष्ट करता है कि नियमों की अनदेखी अब एक गंभीर समस्या बन चुकी है, यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई,तो यह लापरवाही सड़क सुरक्षा कानून व्यवस्था दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है, अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर कब और किस तरह कार्रवाई करता है।


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