रायगढ,14 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की बढ़ती संख्या ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। वर्तमान में जिले में कुल 123 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र के लिए एक रिकॉर्ड संख्या है। सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति छाल रेंज में है,जहां 35 हाथियों का एक विशाल दल गांव के बिल्कुल करीब विचरण करते हुए देखा गया है। हाथियों के इस दल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे जंगल और रिहायशी इलाके की सीमा पर घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है।
हाथियों की फौज से सहमे गांव : धरमजयगढ़ बना हॉटस्पॉट धरमजयगढ़ वन मंडल हमेशा से हाथियों के कॉरिडोर का हिस्सा रहा है, लेकिन 123 हाथियों का एक साथ मौजूद होना असामान्य है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20′ अधिक है, जो मानव-हाथी द्वंद्व के खतरे को बढ़ा रही है। छाल रेंज में सक्रिय 35 हाथियों का दल सबसे बड़ा है, जो फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाने की ताक में है। वन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं और 24 घंटे निगरानी रख रही हैं। ग्रामीणों को शाम के बाद घरों से बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। 2026 में रायगढ़ जिले में अब तक हाथी के हमले से 3 लोगों की मौत और दर्जनों घरों के टूटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो स्थिति की गंभीरता को बयां करती हैं। 2026 में रायगढ़ जिले में बढ़ते मानव-हाथी द्वंद्व को देखते हुए वन विभाग दीर्घकालिक रणनीतियों पर काम कर रहा है। हाथियों के कॉरिडोर की सुरक्षा और ग्रामीणों के लिए त्वरित मुआवजा प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। आने वाले दिनों में और भी बड़ी रिकवरी संभव है। पुलिस ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ यह अभियान अनवरत जारी रहेगा।
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