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बिलासपुर@बिलासपुर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा हमला…

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योगी आदित्यनाथ को बताया ‘नकली हिंदू’

बिलासपुर,18 मार्च 2026। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और धार्मिक मुद्दों पर अत्यंत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। बेमेतरा के एक कार्यक्रम से लौटते समय बिलासपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए शंकराचार्य ने सत्ताधारी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले लोग असल में हिंदू हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उनके इस बयान ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर देश के कद्दावर नेताओं और संवैधानिक संस्थाओं को निशाने पर लिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लाए गए नए नियमों और कानूनों पर शंकराचार्य ने कड़ा ऐतराज जताया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूजीसी का यह नया कानून हिंदुओं को आपस में बांटने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने इसे ‘राष्ट्रद्रोह’ की संज्ञा देते हुए कहा कि शिक्षा के नाम पर हिंदू समाज की एकता को खंडित करने वाले किसी भी नियम का क्रियान्वयन स्वीकार नहीं किया जाएगा। शंकराचार्य के अनुसार, यह कानून हिंदुओं के बीच भेदभाव पैदा करेगा और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुँचाएगा, जिसे रोकने के लिए वे हर स्तर पर विरोध दर्ज कराएंगे।
योगी आदित्यनाथ पर विवादास्पद बयानः ‘असली हिंदू नहीं’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें ‘नकली हिंदू’ करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि योगी आदित्यनाथ को हिंदू हितों की रक्षा और गौ-सेवा से जुड़े कार्यों के लिए 40 दिन का पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन वे स्वयं को साबित करने में पूरी तरह विफल रहे। शंकराचार्य ने कहा कि केवल भगवा वस्त्र धारण कर लेने से कोई असली हिंदू नहीं हो जाता, बल्कि हिंदू धर्म के मूल्यों और गौ-वंश की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता दिखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति का एकमात्र उद्देश्य केवल वोट हासिल करना रह गया है।
गौ रक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
शंकराचार्य ने गौ माता की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे लंबे समय से देश में पूर्ण गौ हत्या बंदी और गौ रक्षा की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि गौ रक्षा की बातें केवल चुनावी भाषणों तक सीमित हैं, जबकि हकीकत में सरकारें इस दिशा में ठोस कदम उठाने से बच रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे इस मुद्दे पर आवाज उठाते हैं, तो उनकी आवाज को दबाने के लिए सत्ताधारी दल ‘हिस्ट्रीशीटरों’ और असामाजिक तत्वों का सहारा लेते हैं। उनका कहना है कि आज के दौर में सत्य की आवाज सुनने के बजाय उसे कुचलने की कोशिश की जा रही है।
सनातन धर्म को ‘भीतरी कालनेमियों’ से खतरा
सनातन धर्म की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए शंकराचार्य ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को किसी बाहरी शक्ति या दूसरे धर्मों से उतना खतरा नहीं है, जितना कि इसके भीतर छिपे ‘कालनेमियों’ से है। उन्होंने कलयुग के इन छद्म वेशधारियों को धर्म के लिए सबसे बड़ा संकट बताया। उन्होंने जनता को आगाह किया कि वे ऐसे नेताओं और लोगों से सावधान रहें जो हिंदू होने का ढोंग करते हैं लेकिन उनके कार्य धर्म के विरुद्ध होते हैं। बिलासपुर में दिए गए उनके इन बयानों के बाद अब राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू होना तय माना जा रहा है।


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