नई दिल्ली,24 फरवरी 2026। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तराखंड विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह एक शिविर लगाए, ताकि रेलवे परियोजना के लिए आवश्यक सरकारी जमीन पर रह रहे और बेदखली का सामना कर रहे परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुनर्वास के लिए आवेदन कर सकें। याचिकाकर्ताओं के आग्रह पर कोर्ट ने कहा कि यह शिविर 15 मार्च के बाद लगाया जाए,क्योंकि उन्होंने इसे रमजान के महीने के बाद आयोजित करने की मांग की थी। शीर्ष कोर्ट ने नैनीताल के जिला कलेक्टर और अन्य राजस्व अधिकारियों को आवश्यक सहायता देने का निर्देश दिया। यह पूरी प्रक्रिया 31 मार्च से पहले पूरी की जानी है। शीर्ष कोर्ट ने यह भी कहा कि जिला कलेक्टर हर परिवार की योजना के तहत पात्रता तय करें और अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्य कांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच दिसंबर 2022 में उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी,जिसमें हल्द्वानी में सार्वजनिक जमीन पर कथित रूप से कब्जा करने वाले करीब 50 हजार लोगों को हटाने का निर्देश दिया गया था। जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी और इस अंतरिम आदेश को समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है।
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