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नई दिल्ली@वित्त मंत्री ने लोकसभा में पेश किया केंद्रीय बजट…

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सरकार विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम उठाना जारी रखेगीःनिर्मला सीतारमण


नई दिल्ली,01 फरवरी 2026। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को अंपनी मंजूरी दी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा,सरकार ‘विकसित भारत’ की दिशा में मजबूत कदम उठाना जारी रखेगा। भारत वैश्विक बाजार के साथ गहनता से जुड़ा रहेगा। मैं पार्ट-ए की शुरुआत करते हुए इस देश के नागरिकों का आभार प्रकट करना चाहूंगा, जिन्होंने इस देश को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाया है। सीतारमण ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, युवाओं,महिलाओं,गरीबों को लाभ मिलता रहे। यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है। हमारी सरकार का संकल्प गरीब, हाशिए पर पड़े लोगों पर ध्यान देना है। उन्होंने कहा कि कर्तव्य भवन में यह बजट बना है। पहला कर्तव्य है-आर्थिक विकास को सतत तरीके से बढ़ाना। दूसरा कर्तव्य है- जनआकांक्षाओं को पूरा करना। तीसरा कर्तव्य है- सबका साथ, सबका विकास। यह सुनिश्चित करना कि सभी को संसाधनों,सुविधाओं और अवसरों तक समान रूप से पहुंच मिले। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने से पहले रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। परंपरा के अनुसार वित्त मंत्री संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलीं। राष्ट्रपति मुर्मु ने वित्त मंत्री सीतारमण को दही-चीनी खिलाई। उन्होंने बजट के लिए वित्त मंत्री को शुभकामनाएं दी। बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। यह वित्त वर्ष 2026 के 11.2 लाख करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में लगभग 9′ अधिक है।
एक अप्रैल से लागू होगा आयकर अधिनियम 2025
केंद्रीय बजट में ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के
बाद रक्षा क्षेत्र के लिए 15 फीसदी आवंटन बढ़ा

ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में पिछले साल पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष के बाद भारत सरकार ने अपने केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 15 फीसदी आवंटन बढ़ाया है। केंद्र सरकार ने रविवार को केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये दिए, जो पिछले वित्त वर्ष में दिए गए 6.81 लाख करोड़ रुपये से 15 फीसदी ज्यादा है। इससे सेनाओं के आधुनिकीकरण पर सरकार के लगातार ध्यान देने का संकेत मिलता है। हालांकि,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कोई खास नीति की घोषणा नहीं की,लेकिन केंद्र ने रविवार को रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की,जिससे मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कुल रक्षा बजट पिछले साल के 6.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी है। पिछले बजट में केंद्र ने डिफेंस के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपये रखे थे, जिससे यह कुल सरकारी खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया। पिछले बजट में डिफेंस सर्विसेज (रेवेन्यू) में सैलरी,अलाउंस,मेंटेनेंस और ऑपरेशनल तैयारी का हिस्सा 3.12 लाख करोड़ रुपये था।

सरकार ने यह भी कहा है कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की कोशिशों के मुताबिक रक्षा बजट का बढ़ा हिस्सा घरेलू उद्योग की तरफ जाता रहेगा। रक्षा क्षेत्र के लिए इसलिए बजट आवंटन बढ़ाया गया है, क्योंकि भारत रक्षा विनिर्माण में ज्यादा आत्मनिर्भरता के लिए अपनी कोशिश जारी रखे हुए है। पिछले दस सालों में भारत का डिफेंस बजट ऊपर की ओर बढ़ा है। हालांकि, जीडीपी में डिफेंस खर्च का हिस्सा पिछले कुछ सालों में कम हुआ है। सरकारी डेटा के मुताबिक, कुल डिफेंस खर्च 2015-16 में 2.94 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया है। बजट भाषण में वित्त मंत्री की चुप्पी के बावजूद रक्षा क्षेत्र को ज्यादा आवंटन दिखाता है कि केंद्र सरकार पाकिस्तान और चीन से दोहरे खतरों के बीच सैन्य तैयारी और आधुनिकीकरण पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। आधुनिकीकरण में तेजी लाने और स्वदेशी निर्माण को बढ़ाने की जरूरत को देखते हुए पूंजीगत व्यय पर मुख्य फोकस रहा है। भारत का स्वदेशीकरण अभियान इस सेक्टर को आकार दे रहा है। वित्त वर्ष 2025 में घरेलू रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि रक्षा निर्यात 23,622 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2024 के मुकाबले 12.04 फीसदी ज्यादा है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ और निर्यात 50 हजार करोड़ तक पहुंचाना है। आवंटित बजट में सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। रक्षा मंत्रालय की ओर से इस समय नौसेना के लिए राफेल फाइटर जेट, सबमरीन और अनमैन्ड एरियल व्हीकल के सौदे किये जाने की तैयारी है। डिफेंस बजट (सिविल) में पिछले साल के 28,554.61 करोड़ रुपये के मुकाबले 0.45 परसेंट की कमी की गई है। इस बीच, डिफेंस सर्विसेज (रेवेन्यू) और कैपिटल आउटले को क्रमशः 3,65,478.98 करोड़ रुपये और 2,19,306.47 करोड़ रुपये दिए गए, जो 17.24 फीसदी और 21.84 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
कैंसर की दवाइयां सस्ती…17 लाइफ
सेविंग ड्रग्स पर कस्टम ड्यूटी खत्म

सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है। इसके अलावा,7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए बाहर से मंगवाई जाने वाली दवाओं और स्पेशल फूड पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे उन परिवारों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी जो इलाज के लिए महंगी विदेशी दवाओं पर निर्भर हैं।
माइक्रोवेव ओवन सस्ते…पुर्जों पर ड्यूटी घटी,घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में कुछ अहम बदलाव किए हैं। अब माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले खास पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी कम कर दी गई है। इससे आने वाले दिनों में माइक्रोवेव की कीमतों में कमी आ सकती है।
बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है : मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह बजट 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है और विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत किए जाने को नारी शक्ति का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज जिस ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार है, इस बजट से उसे नई रफ्तार मिलेगी। पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म्स देश के साहसी, प्रतिभाशाली और आकांक्षाओं से भरे युवाओं को आगे बढ़ने के लिए खुला आसमान देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सिर्फ सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं है बल्कि वह जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहता है। 140 करोड़ नागरिकों का संकल्प है कि भारत जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बने। उन्होंने कहा कि एक विश्वसनीय लोकतांत्रिक साझेदार और विश्वसनीय गुणवत्ता आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की वैश्विक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में हुए बड़े-बड़े ट्रेड डील्स का अधिकतम लाभ देश के युवाओं,छोटे और मध्यम उद्योगों को मिले। इसके लिए बजट में अहम कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई रफ्तार देने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया गया है। मोदी ने कहा कि इस बजट में सनराइज सेक्टर्स को अभूतपूर्व समर्थन दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, देशभर में वॉटरवेज का विस्तार, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर,टियर टू और टियर थ्री शहरों के विकास तथा शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड्स को बढ़ावा देने जैसे कई बड़े कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके नागरिक होते हैं। सरकार ने बीते वर्षों में स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी पर लगातार निवेश किया है। उन्होंने टूरिज्म, विशेषकर पूर्वोत्तर भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्यों को सशक्त बनाकर बैलेंस्ड डेवलपमेंट सुनिश्चित करने और महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के लिए आधुनिक इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और यह एक सफल अभियान है।
करीब 800 जिलों में गर्ल्स
हॉस्टल, हर जिले में एक हॉस्टल

देश में 789 जिले हैं। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। गर्ल स्टूडेंट्स के लिए विज्ञान,प्रौद्योगिकी,इंजीनियरिंग और गणित शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
लखपति दीदी मॉडल पर रोजगार और आय बढ़ाने की स्कीम
लखपति दीदी की तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए शी-मार्ट (शी-मार्ट) बनाए जाएंगे। इन दुकानों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के समुदाय ही चलाएंगे। यहां महिलाओं के बनाए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय उत्पाद सीधे बेचे जाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को अपने कारोबार पर मालिकाना हक मिलेगा।
दिव्यांगजनों के लिए ‘कौशल’
और ‘सहारा’ योजनाओं की घोषणा

केंद्र सरकार ने 2026-27 बजट में दिव्यांगजनों के लिए ‘कौशल’ और ‘सहारा’ योजनाओं की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में‘सबका साथ,सबका विकास’ के संकल्प को दोहराते हुए दिव्यांगजनों के लिए‘दिव्यांग कौशल योजना’और‘दिव्यांग सहारा योजना’ की घोषणा की,ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। सरकार का लक्ष्य देश के प्रत्येक वर्ग संसाधनों और सुविधाओं तक समान पहुंच प्राप्त कराना,दिव्यांग कौशल और सहारा योजनाएं दिव्यांगजनों को सार्थक भागीदारी और सम्मान के साथ जीने का अवसर प्रदान करना है। दिव्यांग कौशल योजना के तहत दिव्यांगजनों को केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित न रखकर उन्हें भविष्य के उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार किया जाएगा। इससे वे आईटी,एवीजीसी(एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स),हॉस्पिटैलिटी और खाद्य एवं पेय पदार्थ जैसे क्षेत्रों में रोजगार पा सकें।
एयरक्राफ्ट पार्ट्स के लिए कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी से छूट का प्रस्ताव
सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत शिक्षा और मेडिकल मकसद से टीसीएस दर को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने का प्रस्ताव है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले कर्ज का अनुपात जीडीपी का 55.6 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर दी गई बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए लिथियम-आयन सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स तक बढ़ाने का प्रस्ताव करती हूं।
देश में खोले जायेंगे 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी अहम घोषणाएं की हैं। जिसके तहत देश में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे। अभी इनकी जगह नहीं बताई गई है। इसके साथ बेहतर मानसिक स्वास्थ्य इलाज के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने निमहंस 2.0 स्थापना की घोषणा की जो देश के लिए प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के तौर पर काम करेगा। इसके साथ ही उत्तर भारत में दो मानसिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई। निर्मला सीतारमण ने भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के तौर पर बढ़ावा देने के लिए देश में 5 रीजनल हब स्थापित करने में मदद की योजना का प्रस्ताव रखा।
बैटरी और सोलर पैनल सस्ते…
एनर्जी ट्रांजेक्शन को देखते हुए सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों (कॅपिटल गुड्स) पर मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है। अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी। वहीं, सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी ड्यूटी हटा दी गई है। जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा।
रेल-जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर
7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शहरों के बीच विकास सेतु बनेंगे। मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी में ये कॉरिडोर बनाए जाएंगे। अगले 5 सालों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनेंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
‘बायो-फार्मा शक्ति’ और हेल्थकेयर
भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए ‘बायो-फार्मा शक्ति’ कार्यक्रम का ऐलान किया गया है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। इस योजना के तहत 3 नए राष्ट्रीय संस्थान बनाए जाएंगे और 7 मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही, दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 की सफलता के बाद अब ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ लॉन्च किया जाएगा,जो इक्विपमेंट,मटीरियल्स और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर केंद्रित होगा।
हैंडलूम कारीगरों की मदद
नेशनल फाइबर स्कीम बनेगी नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद देने की तैयारी है। मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। मैन मेड फाइबर का उत्पादन बढ़ेगा। एडवांस्ड फाइबर के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेड का सिस्टम तैयार किया जाएगा। खादी को प्रोत्साहित किया जाएगा। शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर बनेगी उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति। 2047 तक 10 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाया जाएगा।

बजट प्रतिक्रिया
बजट से किसानों,गरीबों और राज्यों के लिए कोई राहत नहींः खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय बजट 2026-27 को बिना नीति एवं दृष्टि वाला करार देते हुए निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पास अब कोई नया विचार नहीं बचा है और यह बजट देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का कोई समाधान नहीं देता। खरगे ने एक्स पोस्ट में कहा कि मिशन मोड अब ‘चैलेंज रूट’ बन गया है और रिफॉर्म एक्सप्रेस शायद ही कभी किसी ‘रिफॉर्म’ जंक्शन पर रुकती है। नतीजा यह है कि सरकार के पास न कोई नीति दृष्टि है और न ही राजनीतिक इच्छाशक्ति। किसान अभी भी सार्थक कल्याणकारी सहायता या आय सुरक्षा योजना का इंतजार कर रहे हैं, असमानता ब्रिटिश राज के समय के स्तर को पार कर गई है, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं है। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और अल्पसंख्यक समुदायों को कोई राहत नहीं दी गई है।
रक्षा बजट बढ़ने से भारत की रक्षा क्षमताओं
को और मजबूती मिलेगी : राजनाथ सिंह

लोकसभा में रविवार को पेश केंद्रीय बजट में डिफेंस सेक्टर के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे भारत की रक्षा क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सेनाओं के आधुनिकीकरण और सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए रक्षा बजट में बढ़ोतरी को केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया है। केंद्रीय बजट पर रक्षा सचिव ने इस साल के बजट के हिस्से के तौर पर रक्षा क्षेत्र को आवंटित बजट पर ख़ुशी जताई। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय का कुल बजट 7.85 लाख करोड़ होगा, जो पिछले साल के आवंटन से 15 फीसदी ज्यादा है। इससे भी जरूरी बात यह है कि पूंजीगत व्यय में कुल पूंजीगत व्यय परिव्यय 21 फीसदी बढ़कर लगभग 2.9 लाख करोड़ हो गया है।


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