Breaking News

फरीदाबाद@दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ईडी का एक्शन

Share


140 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की चेयरमैन के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल

फरीदाबाद,16 जनवरी 2026 । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़ी फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की करीब 140 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की हैं। साथ ही अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और उसके ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है। ईडी की ओर से अटैच की गई संपत्तियों में फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में 54 एकड़ जमीन,यूनिवर्सिटी की इमारत, स्कूलों और विभागों की इमारतें और हॉस्टल शामिल हैं। ईडी ने इन्हें अपराध की आय की श्रेणी में रखा है। ये कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा था। यूनिवर्सिटी के डॉक्टर उमर उन नबी ने 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास चलती हुई कार में धमाका किया था,इसमें 15 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल की जांच में भी यूनिवर्सिटी का नाम आया था। इस मामले में एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन सईद समेत 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है।
ईडी ने कहा था- झूठी
मान्यता से आय अर्जित की

ईडी ने 18 नवंबर को अल-फलाह ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर रेड की थी। 12 घंटे चले सर्च के बाद ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान ईडी ने कोर्ट में बताया था कि यूनिवर्सिटी और उसके नियंत्रण वाले ट्रस्ट ने झूठी मान्यता और पहचान के दावे कर स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को धोखे में रखा। इस तरह 415.10 करोड़ रुपए की अपराध की आय अर्जित की। ईडी को जांच के दौरान कई अनियमितताएं मिलीं, जिसमें 9 शेल कंपनियां एक ही पते पर रजिस्टर्ड पाई गईं। कई कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर है। साथ ही एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन का भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। ईडी ने यह भी कहा था कि अगर कोर्ट अस्थायी जब्ती को सही ठहराता है,तो सरकार एक अधिकारी को यूनिवर्सिटी का कामकाज संभालने के लिए नियुक्त कर सकती है। इससे कानूनी कार्रवाई चलने के बावजूद स्टूडेंट्स की पढ़ाई में कोई रुकावट नहीं आएगी। अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर हरियाणा सरकार शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। 22 दिसंबर को विधानसभा में हरियाणा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पास हो चुका है। बिल में सरकार ने की बदलाव किए हैं। इस बिल में कहा गया है कि अगर किसी भी यूनिवर्सिटी में नेशनल सिक्योरिटी, देश की अखंडता और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में चूक होती है, तो सरकार किसी भी यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।


Share

Check Also

उज्जैन@ उज्जैन में मॉडल हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास

Share अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी,पिंडदान के साथ त्यागा पिछला जीवनउज्जैन,19 …

Leave a Reply