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एमसीबी@ जांच समिति की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

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हरचोका रेतघाट में 20 लाख से अधिक की रॉयल्टी गड़बड़ी उजागर
14 लाख जमा,शेष राशि के लिए शपथ-पत्र
एमसीबी,14 जनवरी 2026 (घटती-घटना)।
जिला मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर एवं पूर्व जिला कोरिया से जुड़े ग्राम हरचोका के रेतघाट से संबंधित रॉयल्टी प्रकरण में अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं,रेत रॉयल्टी की 20.54 लाख रुपये की बकाया राशि को लेकर लंबे समय से चले आ रहे इस मामले में जांच समिति की रिपोर्ट के बाद बड़ा खुलासा हुआ है।
मवई नदी स्थित ग्राम हरचोका, तहसील भरतपुर के खसरा नंबर 336, रकबा 5.00 हेक्टेयर क्षेत्र को वर्ष 2017 के संशोधित आदेश के तहत रेतघाट के रूप में स्वीकृति दी गई थी,यहां छत्तीसगढ़ गौण खनिज रेत उत्खनन एवं व्यवसाय विनियमन निर्देश 2006 के प्रावधानों के अनुसार रेत उत्खनन एवं विक्रय होना था तथा इसके बदले ग्राम पंचायत खाते में रॉयल्टी राशि जमा की जानी थी।
20.54 लाख रुपये की रॉयल्टी नहीं हुई थी जमा
खनिज शाखा के रिकॉर्ड के अनुसार ग्राम पंचायत हरचोका में रेत उत्खनन के बदले 20,54,200 रुपये की रॉयल्टी राशि जमा नहीं की गई थी, इस पर वर्ष 2019 में ही तत्कालीन सरपंच एवं सचिव को सात दिवस के भीतर राशि जमा करने का नोटिस जारी किया गया था,जिला पुनर्गठन के बाद मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के गठन पश्चात भी प्रशासन द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वर्ष 2025 में कलेक्टर स्तर से पत्र एवं स्मरण-पत्र जारी कर जवाब मांगा गया।
संयुक्त जांच समिति ने की पुष्टि
चूंकि मई 2018 से 23 अप्रैल 2019 तक के मासिक पत्रक कार्यालय में उपलब्ध नहीं थे,इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त जांच समिति गठित की गई। समिति के परीक्षण में रेत रॉयल्टी की कुल बकाया राशि 20,54,200 रुपये होना प्रमाणित हुआ और विधिवत वसूली की अनुशंसा की गई।
14 लाख रुपये जमा,शेष के लिए शपथ पत्र
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ग्राम पंचायत हरचोका के तत्कालीन सरपंच लाल साय द्वारा 14,00,000 रुपये भारतीय स्टेट बैंक शाखा जनकपुर के माध्यम से जमा कराए गए, साथ ही शेष 6,54,200 रुपये तीन माह के भीतर जमा करने का शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया गया है।
प्रशासनिक सख्ती का सकारात्मक परिणाम
कलेक्टर (खनिज शाखा), अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भरतपुर एवं संयुक्त जांच समिति के समन्वित प्रयासों से इस प्रकरण में न केवल सरकारी रॉयल्टी की वसूली का मार्ग प्रशस्त हुआ है, बल्कि राजस्व संरक्षण को लेकर प्रशासन की गंभीरता भी स्पष्ट हुई है,बड़ी राशि जमा होने से ग्राम पंचायत हरचोका की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय विकास कार्यों को गति मिलेगी,यह प्रकरण अब विवाद और संदेह से निकलकर पारदर्शिता एवं समाधान के मॉडल के रूप में सामने आ रहा है।


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