नई दिल्ली,09 जनवरी 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को भारत के पहले राष्ट्रीय आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम का उद्घाटन किया। यह कदम देश की काउंटर-आईईडी और आतंरिक सुरक्षा संरचना को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। एनआई डीएमएस को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित किया गया है। यह एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो आईईडी से संबंधित डेटा के संग्रह,समेकन और वितरण को व्यवस्थित करने में मदद करेगा।
आतंरिक सुरक्षा मजबूत होगी : वर्चुअल उद्घाटन के दौरान अमित शाह ने कहा कि इंटर-एजेंसी समन्वय भी अब और बेहतर होगा। यह सही समय और सही जगह पर सही जानकारी पहुंचाने का एक बहुत प्रभावी तरीका होगा। एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से इसने दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों का विश्लेषण किया है और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार किया है। आतंकवाद रोधी गतिविधियां, हाइजैकिंग विरोधी ऑपरेशन,बम निष्कासन की उन्नत प्रणाली और अब सभी एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना ये सभी एनएसजी के महत्वपूर्ण कार्य हैं। एनएसजी के डायरेक्टर जनरल ब्रिघु श्रीनिवासन ने बताया कि पिछले 11 महीनों में हृस्त्र ने अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर इस सिस्टम को तैयार किया है।
उन्होंने इसे भारत का अनूठा प्लेटफॉर्म बताया। एनआईडीएमएस के माध्यम से राज्य पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और अन्य केंद्रीय एजेंसियां डेटा को एक्सेस, विश्लेषण और साझा कर सकेंगी। इससे आतंकवाद और विद्रोही हमलों की रोकथाम में तेजी आएगी और जांच प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सकेगा।
इस प्लेटफॉर्म से फोरेंसिक विश्लेषण,ट्रेनिंग मॉड्यूल और ऑपरेशन योजना में सुधार होगा। आईईडी अक्सर आतंकवादी और विद्रोही समूहों द्वारा सुरक्षा बल और आम जनता को निशाना बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। एनआईडीएमएस के जरिए टेक्नोलॉजी और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर देश की तैयारी बढ़ाई जा सकेगी।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur