- सूरजपुर के व्यक्तियों से भी मांगा जाता है जबरदस्ती टोल जिस पर होता है विवाद
- सूरजपुर के व्यक्ति ने 20 किलोमीटर से उसके घर की दूरी कम होने की वजह से टोल देने से किया इंकार तो कर्मचारी गुंडागर्दी आए,जिस पर हुआ विवाद
- पुलिस भी एक तरफा कार्रवाई करती देखी…पीडि़त ने पुलिस के एक तरफा कार्रवाई का किया शिकायत
- कई बार हो चुकी है थाने व प्रशासन के पास शिकायतें,पूर्व में जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने आंदोलन भी किया पर कर्मचारियों के आदत में नही है सुधार
-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर,04 सितंबर 2025 (घटती-घटना)। भारत में टोल नियमों के तहत,2021 से एनएचए आई के अनुसार अगर आपको टोल प्लाजा पर 10 सेकंड से ज़्यादा इंतजार करना पड़े,तो आपको टोल नहीं देना होगा। इसके अलावा,दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए। हाल के एक नियम के अनुसार,जीएनएसएस-आधारित टोल सिस्टम में, नेशनल हाईवे पर प्राइवेट वाहनों को पहले 20 किलोमीटर के सफर के लिए टोल नहीं देना होगा। पर इस नियम का पालन टोल प्लाजा पर होता नहीं दिखता है वहां के कर्मचारियों को न जाने किसका संरक्षण होता है कि वह गुंडागर्दी पर आ जाते हैं कई बार इसी वजह से टोल प्लाजा पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, कुछ ऐसा ही सूरजपुर जिले के पचीरा टोल प्लाजा पर यह स्थिति निर्मित हो गई सूरजपुर निवासी इम्तियाज़ खान अपनी बेटीन को शादी के बाद विदा कर रहे थे और उसे छोड़ने जा रहे थे टोल प्लाजा में उनसे टोल मांगा गया जिस पर उन्होंने कहा कि मैं स्थानीय निवासी हूं टोल नहीं लगता है, जिस पर कर्मचारी विवाद करने लगे और टोल देने की बाध्यता बताने लगे जिस पर विवाद इतना बढ़ गया कि तू तू मैं की स्थिति निर्मित हो गई। सूरजपुर से टोल प्लाजा की दूरी 15 किलोमीटर की है जो नियम से टोल नहीं लगना चाहिए पर इस नियम को दरकिनार करके टोल प्लाजा के कर्मचारी गुंडागर्दी पर उतर आए और प्रशासन से अपनी गलती छुपा कर वाहन मालिक की गलती बता करवाई की मांग करने लगे, वहीं पुलिस ने पूरे मामले को जाने बिना एक तरफा कार्यवाही का निर्णय ले लिया वाहन मालिक की शिकायत लेने से इनकार किया और टोल प्लाजा की शिकायत पर कार्यवाही करते दिखे। वाहन मालिक ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग में रेण नदी के पास बने पचिरा टोल प्लाजा लगातार सुर्खियों में रह रहा है। आये दिन लोगों से हुज्जतबाजी और टोल प्लाजा के बेलगाम कर्मचारियों को लेकर कई बार कलेक्टर,एसपी व थाने में शिकायत होने के बाद फिर एक बार परिवार के सदस्यों के साथ हुई लूटपाट और गाली-गलौज के मामले में शिकायत कोतवाली तक पहुंची है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नगर के इम्तियाज खान की बिटिया का विवाह कुरूवां स्थित आनंद रिहंदम में था और मंगलवार को वाहनों की आवाजाही भी लगी हुई थी। विवाह हेतु उनकी बिटिया को जब ले जा रहे थे,तभी टोल गेट पर फास्ट टैग का पैसा खत्म होने के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ी,जिस पर इम्तियाज खान ने नगद पैसा देने की बात कही तो टोल कर्मचारियों ने उनके साथ बदतमीजी करते हुए गाली-गलौज की और जब इम्तियाज खान ने इसका विरोध किया तो मारपीट पर उतारू हो गए और कर्मचारियों ने हाथों में हॉकी व डंडे ले लिए। प्रार्थी के कथन अनुसार उस दौरान उनकी पुत्री दुल्हन के वेष में गाड़ी में सवार थी और रिश्तेदार भी थे,परंतु टोल कर्मचारी नहीं माने और उससे छिना-छपटी करते हुए 18 हजार रूपए भी लूट लिये। प्रार्थी किसी तरह वहां से धक्का-मुक्की और हुज्जतबाजी के बीच अपनी बेटी को लेकर निकला और रात को विवाह के उपरांत दूसरे दिन सुबह कोतवाली पहुंचकर इस पूरे घटनाक्रम की सूचना थाने में दी। वहीं दूसरी ओर इस मामले में टोल कर्मचारियों ने भी थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
आये दिन विवादों में रहता है टोल
पचिरा टोल आये दिन विवादों के कारण हमेशा लोगों की रडार पर रहता है। टोल कर्मचारियों की बदतमीजी और गाली-गलौज के कई मामले सोशल मीडिया पर भी वायरल होते रहते हैं। कई बार लोग लोक-लाज के भय के कारण अपमान का घुट पीकर टोल से निकल जाते हैं, जिससे टोल कर्मचारियों का मनोबल और बढ़ रहा है। टोल की शिकायतों को लेकर पूर्व में आंदोलन तक हो चुके हैं, परंतु एनएच के अधिकारियों और संबंधित विभाग की उदासीनता के कारण किसी दिन कहीं कोई बड़ा हादसा न घटित हो जाये।
तीन-तीन मार्ग होने के बाद आये दिन रहते हैं बंद
टोल में आवाजाही के लिए दोनों तरफ से तीन-तीन बैरियर लगे हैं, किन्तु कर्मचारियों व टोल ठेकेदार के द्वारा निरंकुश होकर कई बार आने-जाने के लिए महज एक-एक रास्ते को ही खोला जाता है और शेष रास्तों पर बेरिकेटिंग या ड्रम रखकर बंद कर दिए जाने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें भी लगती हैं और किसी वाहन चालक या स्वामी के द्वार कुछ बोला गया तो टोल कर्मचारी संगठित होकर तुरंत विवाद पर आमादा हो जाते हैं।
समय का भी नहीं रखा जाता है ध्यान
टोल प्लाजा पर समय बहुत महत्वपूर्ण होता है टोल प्लाजा में ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए यह व्यवस्था भी टोल प्लाजा की बनी हुई है फिर भी यह टोल प्लाजा में अक्सर गाड़ी मालिकों को टोल पार करने में समय लगता है दो-तीन गाडि़यां खड़ी हो जाती हैं क्योंकि टोल प्लाजा के कर्मचारी समय पर सर्विस नहीं दे पाते हैं कभी इनका कैमरा काम नहीं करता है तो कभी इनका स्कैनिंग काम नहीं करता है कभी सिस्टम में प्रॉलम रहता है पर विलंब होने के बाद भी बिना टोल दिए यह गाड़ी को जाने नहीं देते हैं इनके लिए नियम कायदे कानून सिर्फ बाने है पालन होता नहीं है।
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