
काबुल,01 सितम्बर 2025 (ए)। अफगानिस्तान में रविवार की आधी रात को 11ः47 बजे (स्थानीय समयानुसार) 6 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें अब तक 800 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2800 से ज्यादा लोग घायल हैं। भूकंप के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे, इस वजह से वे इमारतों के मलबे में दब गए। शहर में रातभर झटके महसूस किए गए। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक भूकंप 2 लाख की आबादी वाले जलालाबाद शहर से लगभग 17 मील दूर आया। यह राजधानी काबुल से 150 किमी दूर है। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मौतें पड़ोसी कुनार प्रांत में हुई हैं। इसके बाद सोमवार को 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। ये भूकंप जमीन से 65 किमी नीचे आया। अल जजीरा के मुताबिक भूकंप के झटके पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत में भी महसूस हुए। वहीं, भारत के गुरुग्राम में भी हल्के झटके महसूस किए गए। इससे पहले अफगानिस्तान में 7 अक्टूबर 2023 को विनाशकारी भूकंप आया था। तालिबान सरकार ने इस भूकंप में 4 हजार मौतों का दावा किया था, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने 1500 मौतों की पुष्टि की थी। वहीं 2022 में पूर्वी अफगानिस्तान में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें लगभग 1 हजार लोग मारे गए थे और हजारों लोग घायल हुए थे। अफगानिस्तान में ताकतवर भूकंपों का इतिहास रहा है। भूकंप के लिहाज से हिंदूकुश पर्वतमाला एक्टिव माना जाती है, जहां हर साल भूकंप आते हैं। अफगानिस्तान, भारत और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स के बीच में स्थित है। ये फॉल्ट लाइन अफगानिस्तान के हेरात तक जाती है। प्लेट्स में हलचल होने पर भूकंप आता है।
भूकंप के बाद लैंडस्लाइड से सड़कें बंद हुईं
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मौतें पड़ोसी कुनार प्रांत में हुई हैं। सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि भूकंप से देश के कुछ पूर्वी प्रांतों में गंभीर जान-माल का नुकसान हुआ है। हालांकि उन्होंने ज्यादा डिटेल शेयर नहीं किया है। यह पहाड़ी इलाका है। इन इलाकों तक पहुंचना बेहद मुश्किल है,जिससे बचाव और राहत कार्यों में दिक्कत आ रही है। यहां भूकंप के बाद लैंडस्लाइड हुई, जिससे कई सड़कें बंद हो गई। इन इलाकों में सरकार लोगों को बाहर निकालने के लिए हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रही है।
पीएम मोदी ने जताया दुख
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए भूकंप में मरे लोगों के लिए दुख जताया है। उन्होंने लिखा है, अफगानिस्तान में भूकंप के कारण हुई जानमाल की हानि से बहुत दुखी हूं। इस कठिन घड़ी में हमारे विचार और प्रार्थनाएँ शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं, और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय सहायता और राहत प्रदान करने के लिए तैयार है।
जयशंकर ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मुत्ताकी से बात की
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्ताकी से बात की,भूकंप में हुई जानमाल की हानि पर अपनी संवेदना जताई. (उन्हें यह भी) बताया कि भारत ने आज काबुल में 1,000 परिवारों के लिए टेंट पहुंचाए हैं.’’ उन्होंने कहा कि भारतीय मिशन द्वारा काबुल से कुनार तक 15 टन खाद्य सामग्री भी तुरंत भेजी जा रही है।
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