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अंबिकापुर@मितानिनों की हड़ताल की चेतावनी : मांगों को लेकर 2 सितंबर को रायपुर में धरने की तैयारी

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अंबिकापुर,28अगस्त 2025(घटती-घटना)।सरगुजा जिले की 3500 मितानिनें 7 अगस्त से प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं। मितानिनों का आरोप है कि भाजपा सरकार के चुनावी घोषणा पत्र और मोदी की गारंटी में किए गए वादों को अब तक अमल में नहीं लाया गया है। साथ ही,मई माह से प्रतिमाह मिलने वाली 2200 रुपये की सहयोग राशि भी पिछले चार महीनों से नहीं मिली है, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास अग्रसेन धर्मशाला में एकत्र होकर मितानिनों ने अपनी व्यथा साझा की। उन्होंने बताया कि कई महिला त्यौहार बीत गए,लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते वे परेशान हैं। मितानिनों ने इससे पहले 19 अगस्त को अंबिकापुर में रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। कलेक्टर ने आश्वासन दिया था कि उनकी मांगें शासन तक पहुंचाई जाएंगी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। मितानिनों का कहना है कि प्रदेशभर में हुए आंदोलनों के बावजूद सरकार का रवैया टालमटोल भरा रहा है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कहा जाता है, लेकिन व्यवहार में उपेक्षा झेलनी पड़ रही है। मितानिन संघ की जिला अध्यक्ष हेमंती लकड़ा और उपाध्यक्ष रमा शर्मा ने बताया कि अगर 31 अगस्त तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 1 सितंबर को वे रायपुर रवाना होंगी और 2 सितंबर को नया रायपुर में धरना देंगी। उनकी प्रमुख मांगों में मितानिन, प्रशिक्षक व हेल्प डेस्क फैसिलिटेटरों का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संविलियन, वेतन और क्षतिपूर्ति में 50 प्रतिशत वृद्धि, ठेका प्रथा की समाप्ति और एनजीओ व्यवस्था का विरोध शामिल है। मितानिनों के हड़ताल पर जाने से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की अस्पताल पहुंच सेवा और स्वास्थ्य से जुड़ी जमीनी जानकारी का आदान-प्रदान प्रभावित हो रहा है। मितानिन संघ ने भाजपा जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया से शुक्रवार सुबह मुलाकात तय की है। उन्हें उम्मीद है कि संगठन उनकी बातों को सरकार तक पहुंचाएगा और मांगों के समाधान का रास्ता निकलेगा।


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