अंबिकापुर,04 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। सरगुजा सहित पूरे प्रदेशभर में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन जारी है। पहले चरण में 28 से 30 जुलाई तक सांकेतिक हड़ताल था। 31 जुलाई से अब अनिश्चितकाली हड़ताल शुरू हो गई है। अनिश्चितकालीन हड़ताल का सोमवार को पांचवों दिन था। यह आंदोलन कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले किया जा रहा है। हड़ताल का प्रमुख नारा है – संसाधन नहीं तो काम नहीं। अंबिकापुर तहसीलदार उमेश्वर सिंह बाज का कहना है कि जब तक कार्यालयों में आवश्यक संसाधन, पर्याप्त मानव बल, सुरक्षा और तकनीकी सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक काम करना संभव नहीं है। संघ द्वारा लंबे समय से शासन और विभाग से इन समस्याओं के समाधान की मांग की जाती रही है। इनमें तहसीलों में पदों के अनुसार कर्मचारियों की नियुक्ति,तहसील न्यायालयों में सुरक्षा व्यवस्था,शासकीय वाहन की सुविधा, कंप्यूटर और तकनीकी संसाधनों की उपलधता जैसी मांगें शामिल हैं। लेकिन शासन द्वारा इन मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। हड़ताल के पहले दिन जिलेभर के तहसील कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। नागरिक विभिन्न कार्यों के लिए कार्यालयों में पहुंचे लेकिन सभी को निराशा हाथ लगी। दस्तावेज़ सत्यापन,जाति प्रमाण-पत्र, नामांतरण जैसे कार्य रुक गए। अंबिकापुर तहसीलदार ने कहा कि हम प्रशासन की रीढ़ हैं,लेकिन हमें ही सुविधाओं से वंचित रखा गया है। जब तक मांगे नहीं मानी जाएंगी,आंदोलन जारी रहेगा।
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