क्या विभाग के आला अधिकारी जानबूझ कर बारिश के वक्त कराया गया एन एच 343 में रिपेयरिंग का कार्य?

- सुदामा राजवाड़े –
बलरामपुर,20 जून 2025 (घटती-घटना)। एन एच 343 के आला अधिकारियों ने क्या जानबूझ एन बारिश के वक्त सड़क रिपेयरिंग के नाम पर स्तरहीन घटिया कार्य कर रूपये की बर्बादी करने में व्यस्त हैं क्या विभागीय अधिकारी वर्क आडर निकालकर थूक पालिस कर जेब गर्म करने के उद्देश्य से एन बारिश के वक्त कराया जा रहा है कार्य। बनाई गई सड़क बारिश में ही बह गई क्यों? जिम्मेदारों पर प्रशासन की नजर क्यो नहीं रहती? सवाल उठता है कि आम जनमानस की तकलीफों पर कुठाराघात क्यों? आपको बता दें कि एन एच 343अंबिकापुर से रामानुजगंज तक की सड़क पर जगह-जगह हो चुके गड्ढे पर बारिश गिरने से कुछ दिनों पूर्व वर्क आर्डर पर विभागीय द्वारा अधिकारियों के निर्देश पर कार्य कराया गया था। वह इतना स्तरहीन था कि पहली ही बरसात में विभाग की पोल इन्द्र देव ने खोल दी।जानकारों का मानना है एन एच 343 के आला अधिकारी ने जानबूझ कर बारिश गिरने के चंद दिन पूर्व स्तरहीन कार्य कराया कि बारिश के बाद रिपेयरिंग कार्य के बाद एन एच 343 का कार्य प्रारंभ किया जाना है। अस्थायी तौर पर गड्ढों पर मिट्टी और डस्ट डाल कर अपनी जेब भरना मुनासिब समझा?
आखिर जनहित के मुद्दों पर क्यों चुप्पी साधे हुए है जिम्मेदार ?
गड्ढों से दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सड़क हादसों को ‘प्राकृतिक आपदा’ मानकर भूल जाना चाहिए?
छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय होते ही जहां एक ओर गर्मी से राहत की उम्मीद थी,वहीं दूसरी ओर लगातार हो रही बारिश ने राष्ट्रीय राजमार्ग 343 की दुर्दशा उजागर कर दी है। इस मार्ग पर चलना अब जोखिमों से भर गया है। अंबिकापुर से पस्ता के तक अब गड्ढों के कारण सड़क कम और दलदल ज्यादा नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क अब गड्ढों में सड़क खोजने की स्थिति में पहुंच चुकी है। काफी जोर आजमाइश और मशक्कत के बाद एन एच विभाग जागा भी था तो सिर्फ खानापूर्ति कर बरसात की तैयारी पूरी कर ली गई। विभाग के द्वारा सड़कों के बड़े बड़े गड्ढों पर मिट्टी और क्रेशर डस्ट और गिट्टी डाल दिया गया जो शुरुआती बारिश में ही धूल गई,गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थायित्व को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई थी जिससे सड़क गड्ढों में तदील हो गई। अब वाहन चालकों के द्वारा सड़क में गड्ढे नहीं गड्ढों में सड़क ढूंढी जा रही है। सड़क की इस बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय जनता और वाहन चालकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब तक किसी बड़े जनप्रतिनिधि या अधिकारी के वाहन को नुकसान नहीं होता,तब तक विभाग कार्रवाई करने में रुचि नहीं दिखाता।
एनएच विभाग की बरसात की तैयारी शुरुआती बारिश में ही धुली
एनएच विभाग द्वारा सड़कों की मरम्मत और राहत कार्य के तहत किए गए कार्यों पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग ने गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी,क्रशर डस्ट और गिट्टी का प्रयोग तो कर लिया,लेकिन गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थायित्व को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार,यह खानापूर्ति मात्र है,क्योंकि यह अस्थायी उपाय शुरुआती बारिश में ही बह गई और इससे जहां सड़कें फिर से खराब हो गई।दोपहिया चालकों ने बताया किर बारिश में सड़क फिसलनभरी हो गई है और बड़े बड़े गड्ढों के वजह से रस्ते पर छपना बहुत मुश्किल हो चुका है,जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है और उनके जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं कुछ लोगों ने विभाग की इस कार्यप्रणाली को कागजी मरम्मत बताया है।
नेता,मंत्री,विधायक,अधिकारी, कर्मचारी गुजरते है इसी सड़क पर, क्या उनको आम जनता पे दया नहीं आती?
अंबिकापुर से रामानुजंगज तक सड़क पर मंत्री,विधायक,अफसर व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी महंगे लक्जरी गाडि़यों में चलते है इसलिए उन्हें जर्क का एहसास नहीं होता। बारिश होने के कारण सड़क गड्ढों में तदील हो गई है। एनएच 343 अंबिकापुर रामानुजगंज नाका से रामाजुनगंज तक पेंच रिपेयरिंग कार्य ठेकेदारों के द्वारा निम्नस्तर का कराया गया था। पेंच रिपेयरिंग सड़क बनते के साथ उखंडना चालू हो गया था आज सड़क बड़े-बड़े गड्डों में तदील हो गई है।
गागर और गेउर नदी पुलिया जर्जर…नहीं है रेलिंग,कभी भी घट सकती है अप्रिय घटना
गागर और गेउर नदी का पुलिया काफी पुराना और जर्जर हो चुका हैं, बड़े-बड़े गड्ढों से अवागमन तो मुश्किल हुआ ही है साथ ही पुलिया में रेलिंग आधी टूट पड़ी है, रेलिंग नहीं होने के कारण कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है। एक तो बड़े बड़े गड्ढे ऊपर से धुल और अंधेरे से दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ जाती है। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को प्रतिदिन जान हथेली पर रखकर गुजरना पड़ रहा है।
अंबिकापुर शंकरघाट से पस्ता और बलरामपुर से रामानुजगंज तक सड़क हुआ गडढ़ों में तदील
अंबिकापुर शंकरघाट से पस्ता, बलरामपुर से रामानुजगंज तक, राजपुर गेउर नदी किनारे, झींगों से भेड़ाघाट, परसागुड़ी, परसा से शंकरघाट तक सड़क गड्ढों में तदील हो गई है। वाहनों के चक्के गड्ढे में घुस रहे है जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही है साथ ही वाहनों में भी टूट फूट के कारण नुकसान हो रहा है। इसके जिम्मेदार कौन हैं क्या प्रशासन या एनएच विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शांत बैठ मौत के आंकड़े गिन रहे है?
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur