अंबिकापुर@दो दर्जन से ज्यादा शाखाओं कार्यालयों वाले जिला कंपोजिट भवन अंबिकापुर में अव्यवस्था का आलम
Share
सैकड़ों कर्मचारियों वाले कंपोजिट भवन में शौचालय की भी स्थिति दयनीय…
मामला कलेक्टर कार्यालय अंबिकापुर से जुड़ा हुआ,साफ सफाई का भी दिखता है अभाव
अंबिकापुर,26 मई 2025 (घटती-घटना)। अंबिकापुर कलेक्टोरेट कार्यालय कभी कई अलग हुए जिलों का अकेला कार्यालय होने का गौरव रखता था और तब इस कलेक्टोरेट कार्यालय को संयुक्त मध्यप्रदेश में भी अव्वल माना जाता था सुंदरता मामले में और भवन सहित कार्यालय में उपलध कर्मचारी सुविधाएं भी उन्नत और बेहतर मानी जाती थी लेकिन जैसे जैसे जिले का विभाजन होता गया,जैसे जैसे जिले का नक्शा छोटा होता गया कलेक्टोरेट परिसर के कार्यालयों की दशा भी बदतर होती गई और कार्यालय के कर्मचारियों के लिए कार्यालयीन समय में अनिवार्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। हाल ही में दैनिक घटती घटना के पास अंबिकापुर कलेक्टोरेट परिसर से ही लगे कंपोजिट भवन की कुछ तस्वीर उपलध हुई है जिसको देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि उक्त कार्यालय जो कलेक्टोरेट परिसर अंबिकापुर में ही स्थित है जिसमें दो दर्जन से भी ज्यादा विभागों की शाखाएं कार्यालय हैं में कमर्चारियों के लिए सुविधाओं का बुरा हाल है। शौचालयों की दुर्दशा देखते ही बनती है और साफ सफाई का तो दर्शन दुर्लभ है,कभी अपनी सुंदरता की ख्याति संयुक्त मध्यप्रदेश में साबित करने वाला अंबिकापुर कलेक्टोरेट परिसर आज अपनी बदहाली की दास्तान खुद बयान कर रहा है। कंपोजिट भवन में जो विभागीय शाखाएं हैं कार्यालय हैं उनमें पुरुष कर्मचारियों के साथ ही महिला कर्मचारी भी कार्यरत हैं जो दिनभर का समय कार्यालय में बिताते हैं और इस बीच उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। तस्वीरों से देखने पर यही समझ में आता है कि जिम्मेदार कार्यालयों में सुविधाओं के लिए बेफिक्र हैं और उन्हें कर्मचारियों को मिलने वाली अनिवार्य सुविधाओं का कोई ख्याल नहीं है। करोड़ों की लागत से बनी बिल्डिंग में आखिर ऐसी दुर्दशा क्यों? कंपोजिट भवन करोड़ो की लागत से बना है, अब करोड़ो की लागत से बने भवन में क्यों अव्यवस्था है क्यों साफ-सफाई का टोटा है यह बड़ा सवाल है,वैसे बताया जाता है कि कलेक्टर कार्यालय जहां चकाचक रहता है वहीं बगल का यह भवन जिला कार्यालय को चिढ़ाता नजर आता है। क्या कलेक्टर भी है इन असुविधाओं से हैं अनजान? सरगुजा कलेक्टर अपनी प्रशासनिक छवि को लेकर जिले की व्यवस्था को लेकर काफी सजग रहते हैं ऐसा लगातार देखने सुनने को मिलता है,अब क्या कंपोजिट भवन की असुविधाओं से वह अनजान हैं वह अपने की कार्यालय परिसर के भीतर काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों की तकलीफों से अनजान हैं,यदि ऐसा नहीं है और उनकी जानकारी में है सबकुछ तो क्यों उन्हें कर्मचारियों को होने वाली असुविधा से कोई लेना देना नहीं है,वैसे उम्मीद है कि खबर प्रकाशन के बाद यदि कलेक्टर सरगुजा को असुविधाओं के विषय में जानकारी नहीं थी तो वह मिल चुकी होगी और वह इसका निराकरण भी करने का प्रयास करेंगे। साफ सफाई व शौचालय की बदबू से कर्मचारी रहते हैं परेशान… कंपोजिट भवन के भीतर दो दर्जन से अधिक विभागीय कार्यालय संचालित हैं,उन कार्यालयों में सैकड़ों कर्मचारी काम भी कर रहे हैं जो शौचालयों की बदबू और उसकी गंदगी से परेशान हैं,बताया जाता है कि आसपास वाले कर्मचारी तो जरूरत महसूस होने पर घर जाकर इस समस्या से बच जाते हैं लेकिन जो जरा भी दूर के हैं वह इसी गंदगी में जाने मजबूर हैं। तस्वीर में देखा जा सकता है कि वाशबेशिन लगा है लेकिन उसमें नल ही नही और जिसमें नल लगा भी है तो पानी नही। कंपाजिट भवन में दर्जनो शौचालय है लेकिन सभी का खस्ताहाल है। जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है । वहां के कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि यहां पानी की भी काफ ी किल्लत है।