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कोरिया/पटना,@साहब… दो साल से पानी टँकी का निर्माण अधूरा है पानी नही मिल रहा…जवाब : आपके घर के पास हैंड पम्प स्थापित है…

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-राजन पाण्डेय-
कोरिया/पटना,13 मई 2025 (घटती-घटना)। इस समय प्रदेश में सुशासन तिहार का दौर चल रहा है, सुशासन तिहार के तहत पहले चरण में आम जनता से आवेदन मांगे गए, जिसके तहत आम जनता ने अपनी शिकायतों और मांगो को आवेदन के रूप में जमा किया इसके बाद शिविरों का माध्यम से समस्याओं व मांगो का निराकरण भी शुरू किया गया, आमजनता को अपने आवेदनों की स्थिति देखने के वेबसाइट की भी सुविधा दी गई है जिससे जनता अपने आवेदनों का निराकरण हुआ या नही हुआ इसकी जानकारी ले सकती है। लेकिन फिलहाल सोनहत विकासखण्ड की बात की जाए तो विभागों ने प्राप्त कुछ आवेदनों में मूल समस्या या मांग को बिना देखे उसे नजरअंदाज करते हुए हवा हवाई निराकरण कर कागजो में निराकृत बता दिया। ऐसा ही मामला सोनहत क्षेत्र में देखने को मिला जहां पर आवेदिका कुसुम पाण्डेय ने सुशासन तिहार अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत कर उनका नाम मुख्यमंत्री तीर्थ योजना में शामिल कर तीर्थ यात्रा योजना का लाभ दिलाने की मांग की लेकिन विभाग ने उक्त आवेदन का निराकरण करते हुए आन लाइन पोर्टल पर लिखा की प्रत्येक निर्माण कार्य की स्वीकृति हेतु ग्राम सभा का अनुमोदन होना अनिवार्य होता है ग्राम सभा के अनुमोदन हेतु संबंधित ग्राम पंचायत को आवेदन प्रेषित कर दिया गया है ग्राम सभा के अनुमोदन पश्चात प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त किया जावेगा। अब यह तथ्य समझ से परे है कि मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के तहत कौन सा निर्माण कार्य विभाग कराएगा ऐसा लगता है कि सुशासन तिहार में आवेदनों को निराकृत दिखाने के चक्कर में आनन फानन में आय बाय निराकरण किया जा रहा है जो सिर्फ आंकड़ो में चल रहा है।
दो साल से पानी टंकी अधूरी, विभाग ने कहा हैंड पम्प से पिये पानी
दूसरा आवेदन लोक स्वस्थ्य यांत्रिकी विभाग से सम्बंधित है जहां पर कटगोड़ी क्षेत्र के एक युवा के द्वारा सुशासन तिहार में शिकायत की गई कि ग्राम लजी में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी निर्माण एवं पाइप लाइन निर्माण कार्य स्वीकृत है जो निर्माणाधीन अवस्था मे है और 2 वर्षों से पूरा नही हुआ जिसके कारण शासन की योजना का लाभ। ग्रामीणों को नही मिल रहा है और ग्राम वासी परेशान हैं उक्त शिकायत का भी विभाग ने विषय से हट कर हास्यास्पद निरकरकरण करते हुए लिखा कि आवेदक के घर से 150 मीटर की दूरी पर हैंड पम्प स्थापित है विभागीय मापदण्ड अनुसार अलग से हैंड पम्प खनन की आवश्यकता नही है। यहां पर विभाग ने यह नही बताया कि टंकी निर्माण कब पूर्ण होगा , उसका पाइप लाइन विस्तार कार्य कब पूर्ण होगा ,रुका हुआ कार्य आगे होगा भी या नही, और जनता को पानी कब तक मिलना शुरू हो जाएगा । उल्लेखनीय है कि इस तरह के निराकरण से आवेदक सहित आस पास के लोगो मे नाराजगी का आलम है।
क्या सुशासन तिहार से जनता का रुझान घटा?
एक तरफ़ प्रदेश के मुखिया भीषण गर्मी में शिविरों का औचिक निरीक्षण कर मांग एवं शिकायतों का त्वरित निराकरण करने का प्रयास कर रहे हैं, साथ ही प्रशासन को भी निर्देशित किया गया है कि आवेदनों पर गंभीरता से विचार कर निराकरण करें, पर इस तरह के निराकरण से सुशासन तिहार पर सवाल खड़े होने लगे है इतने विशेष अभियान पर इस तरह का कार्य क्यों किया जा रहा है समझ से परे है,ऐसे निराकरण को देख कर जनता के बीच भी कई तरह की चर्चाएं आम हो गई हैं, जनता ने जिस उम्मीद और उमंग से आवेदन दिया था उसके अनुसार फीड बैक नही मिला और जनता मायूस महसूस कर रही है।
निर्माण कार्यो के मांग पर निराकरण नहीं
कई लोगो के विभिन्न प्रकार की मांग जैसे सड़क बिजली सी सी सड़क नाली निर्माण पुल पुलिया निर्माण की मांग पर कार्य योजना में शामिल करने की बात कही गई है लेकिन स्वीकृति की बात नही की गई है , हालांकि कलेक्टर कोरिया ने कुछ दुरस्त क्षेत्र के आवेदनों पर तत्काल सबंधित निर्माण कार्यो को स्वीकृत भी किया है।
क्या कहते हैं लोग
सुशासन तिहार में जनता ने इस उम्मीद के साथ मांग सम्बंधित आवेदन दिया कि उनकी मांगों को सुना जाएगा लेकिन यहां आवेदनों के जिस तरह के निराकरण देखने को मिल रहे है वो जनता की भावनाओ के साथ खिलवाड़ करने के समान है। जब सुशासन है ही नही तो तिहार मनाने का कोई औचित्य नही,मुख्यमंत्री का आगमन कोरिया और एम सी बी में हुआ लेकिन कोई बड़ी घोषणा नही हुई जिससे क्षेत्र की जनता ठगा महसूस कर रही है, जिले में कही अवैध शराब की शिकायत आ रही है तो कही अवैध कोल तस्करी की, रेत तस्करी खुले आम जारी है,मनरेगा में मजदूरों को मजदूरी नही मिल रही, ग्रामीण अंचलों में विकास कार्य ठप्प पड़े है ये कैसा सुशासन है।
गुलाब कमरो
पूर्व विधायक भरतपुर सोनहत

सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का इस तरह लापरवाहीपूर्ण तरीकों से कागजी निराकरण बिल्कुल गलत है,ऐसा लग रहा है मानिए आवेदन को बिना पढ़े ही निराकरण कर दिया जा रहा है ऐसे में जनता के बीच गलत संदेश जाता है।
जयचंद सोनपाकर
अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता


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