अंबिकापुर,29 नवम्बर 2024 (घटती-घटना)। जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि परसा कोल ब्लॉकको लेकर लगातार फर्जी ग्राम सभा की शिकायत आती रही जो मामला बाद में अनुसूचित जनजाति आयोग के पास पहुंचा था जहां से सुनवाई के बाद यह रिपोर्ट सामने आयी थी कि वह ग्राम सभा फर्जी है। चूंकि आयोग सरकार की ही एक इकाई है ऐसे में उसकी रिपोर्ट को संज्ञान में लेना चाहिये। जिला प्रशासन व जिला पंचायत की ओर से ग्राम सभा को लेकर जो भी जांच के लिये नियम हो उसके अनुसार भी जांच कराई जाये। उदयपुर के जिला पंचायत सदस्य राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बहुत जरूरी है सरकार कर नियम मोला समझ नई आएल बुखार लेत है मोला तो सुईं लगात हैं जिला पंचायत सदस्य सुनील ला ये कौन सा नियम है। जब पेड़ कटाई सरगुजा में तो वृक्षारोपण भी यहीं हो। वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने पिछले दौरान कटाई के दौरान उपजे आक्रोश के समय जो ग्रामीणों पर एफआईआर हुई है, उसे वापस लेने हेतु सभी सदस्यों ने अपनी ओर से सहमति का प्रस्ताव पारित किया। वहीं आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि उदयपुर में चल रहे इन कोल खदानों का एवं नये खुलने वाले खदानों का रामगढ़ के पहाड़ पर क्या प्रभाव पड़ रहा है उसका अध्ययन वन विभाग एवं ए एसआई के माध्यम से सर्वेक्षण कराया जाये।
सामान्य प्रशासन की बैठक में महामाया पहाड़ पर अतिक्रमण सहित वनाधिकार पत्र जैसे विषयों पर चर्चा करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि महामाया पहाड़ में एक बार वृहद स्तर पर कैम्प लगाकर वनाधिकार के लंबित मामलों का सबसे पहले निराकरण किया जाये साथ ही वनाधिकार पत्र के अलावे बाकी अतिक्रमित क्षेत्र को मुक्त कराते हुए उसे रिजर्व फारेस्ट के रूप में विकसित किया जाये साथ ही महामाया पहाड़ को संरक्षित वन के रूप में विकसित किया जाये। किन्तु इसके पहले नजूल, राजस्व एवं वन विभाग अपने अपने क्षेत्र का सीमांकन कर दें ताकि एक सीमा रेखा खींची जा सके और सुरक्षित पहाड़ के रूप में संरक्षित किया जाये। दो बार पहले भी जांच हो चुका है वहां पर और जांच रिपोर्ट भी आई है साथ ही शहर के बगल के क्षेत्र है तो लोगों के बसने को लेकर काफी सहूलियत वाला क्षेत्र लोगों को लगता है। ऐसे में यदि एक बार कड़ाई से संरक्षित करने को लेकर एकजुट हो जायें तो नये मामलों पर रोक लगे साथ ही एक पहाड़ के अगल-बगल के ग्रामों को सामुदायिक वनाधिकार का पट्टा दे दिया जाये जिससे इस पहाड़ का संरक्षण हो सकें।
परिसीमन में गड़बडी का आरोप
त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के चुनाव को लेकर हुए परिसीमन को लेकर सामान्य प्रशासन एवं सामान्यसभा दोनों में जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद सदस्यों ने जम कर सवाल खड़े किए। जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता ने कहा कि पंचायतों का परिसीमन तो नहीं हुआ लेकिन वोटरों का परिसीमन वोटर लिस्ट में कर दिया गया। कहीं पंचों को दूसरे वार्डों में डाल दिया गया है तो कहीं तो सरपंचों के नाम ही गांव से गायब कर दिए गये हैं। वहीं जनपद सदस्य क्षेत्रों का परिसीमन जो किया गया वह भौगोलिक न होकर राजनीतिक प्रभाव में किया जा रहा है। जिसमें काफी त्रुटियां हैं, जो हमें स्वीकार्य नहीं है। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि यह पुरा कार्य राजस्व विभाग के अधिकारियों के अधीन था, हम आपकी बातों को वहां तक पहुचायेंगे साथ ही वोटर लिस्ट में नाम सुधार और जोडऩे की प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर सुधरवाया जा सकता है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur