अंबिकापुर,23 अक्टूबर 2024 (घटती-घटना)। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अंबिकापुर में 23 अक्टूबर को जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत कार्यक्रम के अंतर्गत जनजातीय महापुरुषों के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी के तृतीय दिवस के व्यंजन प्रतियोगिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ शारदा प्रसाद त्रिपाठी ( कुल सचिव, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा छाीसगढ़) द्वारा उद्बोधन किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा की जनजाति व्यंजन में मिलेट्स (कोदो, कुटकी, रागी) की प्रधानता थी जो की फाइबर और कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा सिंगल डिजिट में होती है जो बीमारियों को दूर करती है जिससे हमारा शुगर और लड प्रेशर सामान्य रहता है यह सब उन्होंने अपने स्वयं के अनुभव से बताया क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में लगभग 6 वर्षों से अपने जीवन में शामिल किया है। और उन्होंने प्रशिक्षणर्थीयों के द्वारा बने व्यंजन का अवलोकन करते हुए उनके व्यंजन में शामिल राजी चिला, मडिया पेज, महुआ लाटा और सभी व्यंजनों की सराहना की भविष्य में भी ऐसे ही मिलेट को अपने जीवन में प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दूसरे भाग के मुख्य अतिथि उपेंद्र सिंह ओरकरा ने प्रशिक्षण आर्थियों को प्रोत्साहित करते हुए राजमोहिनी देवी जी के जीवन का परिचय देते हुए कहा कि उनके उपदेशों का जैसे स्वच्छता नारी उत्थान सत्य बोलो नशापन ना करें बाली बंद करें इत्यादि विचारों का अनुकरण करने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने जनजाति कलाकृतियां एवं ड्राइंग प्रतियोगिता का अवलोकन कर सहना भी की उपरोक्त प्रतियोगिता में शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्रशिक्षणार्थी एवं प्राचार्य पूर्णिमा पटेल अभिसारिका सिंह प्रशिक्षण अधिकारी भी सम्मिलित रहे। प्रदर्शन कार्यक्रम के सहसंयोजक अनविल विमोन मिंज ने आभार व्यक्त किया एवं आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सब की सहभागिता हेतु आगरा भी किया इस अवसर पर संस्था के प्रभारी प्राचार्य राजेश सोनी एवं कार्यक्रम के संयोजक संतोष त्रिपाठी एवं संस्था के समस्त प्रशिक्षण अधिकारी कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित रहे जनजाति समाज का गौरवशाली अतीत का आगामी कार्यक्रम 25 अक्टूबर को राजीव गांधी पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में होना तय है।
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