क्या प्रचार में असफाक की दादागिरी या फिर नगर पालिका की लापरवाही…बिना अनुमति नगर पालिका शहर केजीएन ट्रेडर्स के फ्लेक्सी से पटा?
दो व्यापार के दोस्तों के पोस्टर एक ही खंबे में ऊपर नीचे…कंपटीशन या फिर जुगल जोड़ी।
असफाक के लिए सिर्फ पैसा ही भरोसेमंद…क्या माता-पिता व उनके आराध्य भी भरोसेमंद नहीं?…क्या इसी वजह से उन्हें पैसे पर ज्यादा भरोसा?
क्या पैसे पर ही भरोसा है असफाक को इसीलिए जैसे चाह रहे सिर्फ पैसा कमा रहे हैं?
क्या पैसे पर इतना भरोसा हो गया है कि पैसा कमाने के लिए किसी हद तक जाने को तैयार हैं असफाक?

-ओंकार पांडेय-
सुरजपुर 05 जून 2024 (घटती-घटना)। आय से ज्यादा कमाई व अवैध तरीके से लोगों का पैसा लेकर दुगना करने की बात कहने वाले असफाक भले ही अभी जांच के दायरे से बचे हुए हैं, कार्यवाही से बचने के लिए काफी समय उन्होंने निकाल लिया है लेकिन कब तक बचे रहेंगे यह आज भी पहेली बनी हुई है, सूत्रों का कहना है कि असफाक के पास 500 से अधिक लोगों का पैसा निवेश है और वह लोग पैसा वापस चाह रहे हैं पर पिछले 3 महीने से वह सिर्फ समय देकर 500 लोगों को चुप कर रखें हैं अगली तिथि 26 जून का दिया गया है, उसके एवज में कई लोगों को उन्होंने अपना चेक दे रखा है ताकि वह भरोसे में रहे और शिकायत ना करें, कुछ चेक के पन्ने भी घटती घटना के पास मौजूद है, जब यह निवेशकर्ताओ को नगद पैसा देंगे तब वह निवेशकर्ता उनका चेक उन्हें वापस लौटाएंगे, उनके घर जा जाकर असफाक उन्हे भरोसा दिला रहे हैं, विश्वाश कीजिए पैसा नहीं डूबेगा, पैसा आपको मिलेगा। ज्ञात हो की अवैध निवेश के मामले में भले ही असफाक मुकर रहे हैं पर अंदर खाने की चर्चा इस बात को प्रमाणित करती है, स्वयं असफाक एक समय अपने इस कारोबार का प्रचार महंगे उपहार देकर कर रहे थे आज भले ही उस प्रचार को बंद करके अब अपने वैध काम का प्रचार करना शुरू किया है उन्होंने और बताना चाह रहे हैं कि उनका काम वैध है, उनका वैध काम केजीएन ट्रेडर्स के नाम से है यह प्रतिष्ठान शिवप्रसादनगर भवराही में स्थित है, जब प्रतिष्ठान ग्राम पंचायत के गांव में स्थित है पर इसका प्रचार शहर में जोर-शोर से किया जा रहा है। अपने वैध काम के प्रचार के लिए नगर पालिका के नियमों को तोड़कर तकरीबन 4 किलोमीटर सूरजपुर शहर के डिवाइडर में स्थित नगर पालिका के शासकीय बिजली खंभों में अपने दुकान का प्रचार किया है, जिसके बाद यह प्रश्न उठने लगा है कि व्यापार गांव तक और प्रचार शहर तक? क्या असफाक दादागिरी के साथ नियम विरुद्ध तरीके से प्रचार कर रहे हैं और नगर पालिका सूरजपुर को नहीं दिखाइ दे रहा है अवैध प्रचार अब इसे नगर पालिका की लापरवाही कहे या फिर अशफाक की दादागिरी? वैसे नगरपालिका के स्ट्रीट लाईट खंभों में प्रचार बोर्ड लगाया गया है और जिसका किराया नगर पालिका वसूली करता है अनुमति भी देता है और इस मामले में इसका अभाव है।
नगद पैसा पहुंच रहा है निवेश करने वालों के घरों तक:सूत्र
विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि असफ़ाक अब खाते से ट्रांजैक्शन ना करके अपने निवेशकर्ताओं को उनके घर नगद स्वयं पहुंचाने की सुविधा देंगे, जब से खबरों की सुर्खियां बने हैं तब से वह अपने निवेशकर्ताओं का पैसा वापस करने में पीछे हो गए हैं, इस वजह से वह अपने सभी निवेशकर्ताओं के घर जाकर उन्हें 26 जून तक का समय दे रहे हैं कि वह भरोसा रखें उनका पैसा उन्हें मिल जाएगा, उसके बदले में वह अपना व अपने एजेंट का चेक भी उन्हें दे रहे हैं और उस चेक को सुरक्षा की दृष्टि से देना बता रहे हैं, जिस दिन उन्हें वह पैसा निवेशकर्ताओं को मिलेगा उस दिन चेक उनसे वह वापस ले लेंगे, अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर 26 जून तक ऐसा कौन सा जैकपोट लगेगा कि उनके पास निवेशकों का इतना ज्यादा पैसा आ जाएगा और वह उन्हें घर जाकर पहुंचा आएंगे? क्या पुलिस व जांच एजेंसी है इस पर निगरानी रख पाएंगी? क्योंकि अब गाड़ियों में नगद भर के निवेशकों के घर तक वह पहुंचेंगे?
क्या असफाक को पैसे से ज्यादा भरोसा नहीं है किसी पर?
असफाक के लिए पैसे से ज्यादा किसी पर भरोसा करना मुमकिन नहीं है, यह हम नहीं कह रहे हैं, यह उनके खुद के सोशल मीडिया पर डाले हुए पोस्ट कह रहे हैं अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या असफाक को सिर्फ पैसे पर ही भरोसा है? इंसानों पर तो उन्होंने भरोसा नहीं है पर क्या अपने माता-पिता व अपने आराध्य पर भी उन्हे भरोसा नहीं है जिनके सहारे वह धरती पर आए हैं? यह सब सवाल उनके पोस्ट के बाद से उठने लगे हैं।
अलग-अलग गाड़ियों से पुलिस को चकमा देकर निवेशकों के घर तक पहुंचेगा आचार संहिता खत्म होने के बाद असफाक का पैसा
असफाक उल्लाह अपने निवेशकों को नकद राशि वापस करने वाले हैं और जिसका वह तिथि भी उन्हे बता चुके हैं। बताया जा रहा है की नकद देने के पीछे की वजह यह है की उनका आय व्यय खाते में बैंक के दर्ज न हो। पैसा निवेशकों तक पहुंचाने के लिए असफाक उल्लाह आचार संहिता खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। बता दें की असफाक उल्लाह का पैसा निवेशकों तक पुलिस को चकमा देकर अलग अलग गाड़ियों से पहुंचेगा और वह इस तरह लोगों को उनका पैसा लौटाएंगे।
किन गाड़ियों में होगा अवैध पैसा यह पुलिस के लिए पता करना होगी चुनौती
असफाक उल्लाह निवेशकों को पैसा अलग अलग गाड़ियों से लौटाने जाएंगे। गाडियां चकमा भी देंगी क्योंकि पैसा किस गाड़ी में है यह निश्चित नहीं होगा और यह केवल वह ही जान सकेंगे। अब पुलिस के लिए चुनौती होगी की वह कैसे पता करे की पैसा किस गाड़ी में है। असफाक पैसा एक दिन में ही सबका लौटाते हैं या अलग अलग दिन वह पैसा लौटाएंगे यह भी देखने वाली बात होगी। पुलिस कैसे उन्हे पकड़ती है और जांच का क्या रास्ता अपनाती है यह पुलिस के लिए भी सोचने वाली बात होगी।
असफाक व उनके पिता का एक मीडिया को दिया गया बयान सामने आया जो दुविधा जनक
असफाक उल्लाह और उनके पिता ने एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बयान दिया था की उनके विरुद्ध समाचार में जो प्रकाशित हो रहा है वह झूठा अनर्गल आरोप है और वह जिसके लिए समाचार पत्र के संपादक को न्यायालय तक घसीटेंगे। मिडिया में दिया गया उन दोनो का बयान समझ से परे रहा। उन्होंने एक तरफ यह कहा की कौन किसी को पैसा आज उधार देता है जो हमे देगा हमारी पुरानी मेहनत है जिसके कारण हमारा व्यवसाय विस्तृत है वहीं वह यह भी कहते हैं की उन्होंने उधार लिया है। अब उन्होंने उधार लिया है तब वह कैसे कह रहे हैं की कोई क्यों देगा उन्हे पैसा। कुल मिलाकर देखा जाए तो असफाक उल्लाह उनके पिता कहना क्या चाहते हैं यही स्पष्ट नहीं है।

कथित मीडिया को बयान देते अपनी संपन्नता की दी सफाई और पैसा दुगना करने के मामले से मुकरे…मुसलमान को कोई 10 हजार भी देने को नहीं करता यह भी बात उन्होंने कही
एक कथित मीडियाकर्मी को असफाक व उनके पिता एक ही जगह अगल-बगल बैठकर दे रहे थे बयान, ऐसा लगा कि कथित मीडियाकर्मी उनसे सवाल नहीं उनकी सफाई लेने गए थे या फिर मीडिया कर्मी के पास उससे जुड़े सवाल ही नहीं थे उनके ऊपर लगे आरोप से ही अनजान था? कथित मीडियाकर्मी को असफाक के पिता ने अपने संपन्नता को लेकर अपना पिछला व वर्तमान कारोबार बताया और कहा कि वह शुरू से ही संपन्न व्यक्ति हैं, वही पैसा निवेश के मामले को लेकर उन्होंने नकार दिया, और कहा कि हमारा कोई ऐसा काम नहीं है, उनका यह भी कहना था कि उनका एक अच्छा व्यवसाय था जिस वजह से उन्होंने अपने वकालत भी छोड़ दी और उस व्यवसाय में अपने बच्चों को भी शामिल किया, उन्होंने यह भी बताया कि उनकी गाड़ियां लोन पर है और ग्रामीण बैंक में भी उनका सीसी लिमिट का लोन है, वहीं उन्होंने एक बात ऐसा भी स्वीकार जो कहीं ना कहीं अपने समुदाय के लिए ही वह प्रश्न खड़ा कर दिए, उन्होंने कहा कि एक मुसलमान को कोई 10 हजार भी देने को नहीं करता और बिना लिखा पढ़ी के कोई भी 20 लाख देने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा, पर वही इस बात से पहले उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कई लोगों से कर्जा ले रखा है बैंक का भी कर्जा है वैसे में सवाल यह नहीं उठता कि आखिर वह मुसलमान है तो उन्हें वह कर्ज लोगों ने क्यों दिया और बैंक ने कर्ज क्यों दिया? उन्होंने यह भी बात स्वीकार की कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जो कि पैसा के दुगना करके दे, फिर सवाल यह उठता है कि आखिर उन्हीं के क्षेत्र में व जिले में इस बात की चर्चा फिर कैसे हैं? धुंआ भी वही उठता है जहां आग लगा होता है.. फिर इस बात को कैसे नकारा जाए की वह कारोबार उनका नहीं हैं?

हमने जो दुकान बनाया वह अच्छा खासा दुकान है लोगों को लगा इतना पैसा कहां से आया इतना बड़ा दुकान कैसे बना- असफाक खुद कथित मीडिया कर्मियों को बताते हैं की हमने जो दुकान बनाया है वह एक अच्छा खासा दुकान है जिसमें काफी पैसा लगा होगा, लोगों को लगता है कि इतना पैसा कहां से है इतना बड़ा दुकान कैसे बनाया? जिस वजह से कुछ-कुछ अफवाहें फैलाई गई है, अशफाक बाहर जाता है ऐसा करता है कुछ ऐसा कोई बात ही नहीं है हम लोग ऐसा कोई काम नहीं करते हैं ना हमने किसी का पैसा लिया है, न ही किसी का पैसा लगाए हैं, हम तो खुद सुनकर अचंभित हो जाते हैं, यह चर्चा कौन लोग कर रहे हैं यह मुझे पता नहीं सिर्फ एक पेपर कह रहा है यही पता है, मैं व्यापारी आदमी हूं मेरा एक फर्म का जीएसटी है। मेरी गाड़ी खुद कर्ज पर है और मैं गाड़ी दूसरे को गिफ्ट पर कैसे दूंगा अब यह कौन लोग कहते हैं यह तो पत्रकार ही जाने।
मामले से जुड़े कुछ सवाल:-
सवाल:- दुकान बनाने के लिए आखिर इतना पैसा कहां से आया आखिर इतना अधिक कर्ज लिया है तो फिर वह कर्ज कैसे पटेगा?
सवाल:- जब व्यापार लोन पर है और महंगी गाड़ियां लोन पर है तो फिर कमाई इतनी कहां से है कि हर महीने किस्त समय पर पट सके?
सवाल:- क्या बीएमडब्ल्यू कार फाइनेंस में है या फिर किसी ने उपहार में दिया है और यदि उपहार में दिया तो क्यों दिया आखिर इसकी वजह क्या वहीं जिसने उपहार में दिया वह क्या करता है उसका व्यवसाय क्या है?
सवाल:- यदि फॉर्च्यूनर बीएमडब्ल्यू सहित अन्य गाड़ियां लोन पर है दुकान लोन पर है तो फिर इसकी मासिक किस्त 2 लाख से कम नहीं होगी फिर इतनी बड़ी किस्त कैसे पटती है?
सवाल:- केजीएन ट्रेडर्स यदि जीएसटी बनने के पहले से संचालित था तो फिर जीएसटी लेने के बाद से उसके बिल क्यों नहीं काटे?
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