
अंबिकापुर,22 मई 2024 (घटती-घटना)। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार की सुबह शॉट सर्किट से अफरा तफरी मच गई। इससे सर्जिकल वार्ड के तीनों यूनिट में धुआं भर जाने से मरीजों, उनके परिजन व स्टाफ नर्सों के बीच हडक¸ंप मच गया। सर्जिकल वार्ड के लगभग 40 मरीजों को दूसरे वार्ड में तत्काल शिफ्ट कराया गया।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चारों तरफ विद्युत तार अव्यवस्थित रूप से लटके हुए हैं। इस कारण अस्पताल के भीतर कई बार शार्ट-सर्किट की घटना सामने आ चुकी है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन विद्युत तार को व्यवस्थित करने के प्रति गंभीर नहीं है। इसका खामियाजा बुधवार को भी भुगतना पड़ा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के बाहर दीवार पर लगे विद्युत केबल में शार्ट-सर्किट से 3-4 बार जोरदार धमाका हुआ और लाइट गुल हो गई। इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा तफरी मच गई। सर्जिकल वार्ड के मरीजों के बीच हडक¸ंप मच गया। ड्यूटी कर रहे तीन स्टाफ नर्स,2 चतुर्थ कर्मचारी व गार्ड द्वारा तत्काल अग्निशामक गैस से शार्ट-सर्किट में लगी आग को बुझाया गया। इस दौरान सर्जिकल वार्ड के तीनों यूनिट में धुआं भर गया। इससे मरीजों को परेशानी होने लगी। स्टाफ नर्स व कर्मचारियों की मदद से तीनों यूनिट के मरीजों को तत्काल स्ट्रेचर व व्हीलचेयर से दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पुरूष सर्जिकल वार्ड के 3 यूनिट हैं। सभी में 40 से ज्यादा मरीज भर्ती थे। शार्ट सर्किट होने के कारण वार्ड में धुआं भर गया। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए तत्काल दूसरे वार्ड में सुरक्षित शिफ्ट करा दिया गया है। सर्जिकल वार्ड के बाहर एक सप्ताह के अंदर शार्ट-सर्किट की यह तीसरी घटना है। इससे पूर्व एक बार केवल तार को काट कर हटा दिया गया था। पूरे तार को बदला नहीं गया था। वहीं शार्ट सर्किट होने की जानकारी स्टाफ नर्स द्वारा अस्पताल प्रबंधन को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन सीजीएमएससी का काम होने का हवाला देकर कोई ठोस पहल नहीं की गई।
सुबह से तार जलने का आ रहा था स्मेल
मरीजों ने बताया कि आज सुबह से ही तार जलने का स्मेल आ रहे थे। ऐसे में स्टाफ नर्स द्वारा लाइट ऑफ करा दी गई थी। इसी बीच लगभगा 11.30 बजे अचानक 3-4 धमाकों के साथ शॉट सर्किट हुआ और अफरा-तफरी मच गई। स्टाफ नर्स का कहना था कि आज भी प्रबंधन को तार जलने की सूचना दी गई थी, लेकिन उनकी ओर से कोई पहल नहीं की गई। अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि विद्युत कार्य के लिए सीजीएमएससी को पैसा ट्रांसफर करा दिया गया है। कई बार पत्राचार भी किया जा चुका है। इसके बावजूद भी कोई पहल नहीं किया गया है। सीमीएमएससी की लापरवाही के कारण शॉट सर्किट की घटना सामने आई है। सर्जिकल वार्ड में लगातार कुछ दिनों से शॉट सर्किट की घटना सामने आ रही है। स्टाफ-नर्स द्वारा इसकी जानकारी प्रबंधन को दी गई थी। इसके बावजूद भी प्रबंधन लापरवाह बनी रही। लापरवाही के संबंध में एमएस से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जानकारी स्टाफ नर्स द्वारा नहीं दी गई है। उन्होंने स्टाफ नर्स को बुलाकर अपने चेंबर में जानकारी ली तो स्टाफ नर्स ने साफ कहा कि कई बार मेंटेनेंस प्रभारी डॉ. संतू बाग व इलेट्रिसियन को दी हूं। इसके बाद भी कोई पहल नहीं किया गया है।
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