- संवाददाता –
अंबिकापुर,०6 मई 2024 (घटती-घटना)। अंबिकापुर में तापमान 41.2 डिग्री पहुंच गया है। आग उगलती सूर्य की किरणों के कारण जनजीवन प्रभावित होना शुरू हो गया है। लोग घरों से बाहर निकलना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। तेज धूम व गर्म हवा की झोंकों के कारण शरीर झुलस रहे थे। लोग गमछा या स्कार्प बांद कर घर से बाहर निकल रहे हैं। मौसम के रूख को देखते हुए लोग घरों में दुबके रहे। धूप की तल्खी व गर्म हवा के प्रकोप से न सिर्फ लोग, बल्कि पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। गर्मी से लोगों को दिन के साथ-साथ अब रात में भी राहत नहीं है। कुलर, पंखा भी बेअसर साबित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता होने की संभावना है। इस कारण अगले दो-तीन दिनों में कुछ बादलों की आवाजाही, हल्की वर्षा, गरज-चमक के साथ कहीं कहीं 40 से 50 किमी प्रति घण्टे की रफ्तार से हवाएं भी चलने की उम्मीद है। वहीं मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट के अनुसार मई के महीने में भारत के उारी भूभाग पर सूर्य की किरणें प्रचंड हो जाती हैं और तापमान 40- 42? के पार चला जाता है तब वहां शुष्क संवहनी धाराएं जन्म लेती हैं। इस समय पंजाब, हरियाणा आदि क्षेत्रों में पछुआ की सक्रियता से कुछ नमी की आपूर्ति लगातार होती है वहीं राजस्थान की ओर से सतही हवाएं अपने साथ भारी मात्रा में धूल के कण उठा कर इन क्षेत्रों की ओर प्रतिस्थापित करती हैं जिससे आसमान धुंधला हो जाता है। दोपहर बाद यहां शुष्क गर्जन के साथ वात झंझाएँ चलती हैं स्थानीय स्तर पर इन वात झंझाओं को आंधी कहा जाता है।
दूसरी ओर ओडि़सा, पश्चिम बंगाल, इसके नजदीकी झारखंड, बिहार आदि क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से ऊपर जा कर उष्ण लहर उतपन्न करती हैं तथा इन क्षेत्रों में दक्षिणी हवाएं अपने साथ बंगाल की खाड़ी से जो नमी की आपूर्ति करती हैं उससे नमीयुक्त संवहनी धाराएं जन्म लेती हैं। इन धाराओं के कारण संबंधित क्षेत्रों में कई बार प्रचंड मेघ गर्जन, भारी वर्षा और ओलावृष्टि के साथ तेज विनाशकारी हवाएं चलती हैं। इन क्षेत्रों में बैसाख के महीने में होने वाली इसी घटना को काल बैसाखी कहा जाता हईस समय मध्य भारत भी उष्ण लहरों की चपेट में आता है और यहां दोनो ही प्रकार के कनवेक्टिव (संवहनी) मौसमी गतिविधियां देखने को मिलती हैं। कभी शुष्क गर्जन तो कभी तेज वर्षा के साथ गर्जन।
40 से 50 किमी
की रफ्तार से चल सकती है हवा
इस समय अम्बिकापुर का तापमान लगातार 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है जबकि नजदीकी झारखंड और ओडिसा में ग्रीष्म लहरें चल रही हैं। आज अम्बिकापुर का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री दर्ज किया गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अगले दो-तीन दिनों में कुछ बादलों की आवाजाही,हल्की वर्षा, गरज-चमक के साथ कहीं कहीं 40 से 50 किमी प्रति घण्टे की रफ्तार की हवाएं भी चलती देखी जा सकती हैं।
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