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अंबिकापुर@पूरे देश में काला दिवस मनाने की घोषणा पर

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अंबिकापुर में भी घड़ी चौक पर विरोध दिवस मनाया गया
अंबिकापुर, 23 फरवरी 2024 (घटती-घटना)। नई दिल्ली में किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को दबाने के लिए केंद्रीय सरकार द्वारा पुलिस बल का दुरुपयोग कर उनका बर्बर दमन एवं अत्याचार किया जा रहा है इसके विरोधमें संयुक्त किसान मोर्चा तथा केंद्रीय ट्रेड यूनियन के संयुक्त समिति एवं प्रगतिशील जन संगठनों द्वारा आज काला दिवस पूरे देश में मनाने की घोषणा की गई है उसी के तारतम में अंबिकापुर में भी घड़ी चौक पर विरोध दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उक्त आंदोलन में हुए शाहिद शुभकरण को एवं पिछले आंदोलन के दौरान हुए शहीद किसानों को जिनकी संख्या लगभग 800 थी को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर एक ज्ञापन भी राष्ट्रपति को प्रेषित किया गया जिसमें मांग किया गया कि मोदी सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है अतः उसे बर्खास्त किया जाए और एमएसपी का कानून बनाया जाए तथा किसानों के समस्त कर्ज माफ किए जाएं एवं पिछले आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा किए गए वादे पूरे किए जाए और टेनि मिश्रा को जेल भेजा जाए तथा उसे सजा दी जाए एवं शहीद शुभकरण के परिवार वालों को एक करोड़ मुआवजा दिया जाए ज्ञात हो कि पिछले आंदोलन के दौरान उसे समाप्त करने के लिए केंद्रीय सरकार द्वारा किसानों से यह वायदे किए गए थे जिन्हें आज तक उसने पूरा नहीं किया फल स्वरुप किसान पुनः संगठित होकर के दिल्ली को चारों ओर से घेरा डाल दिए हैं और मांग कर रहे हैं कि उनकी मांगे मानी जाए किंतु सरकार केवल वार्ता करती है और मांगों को मानने का कोई प्रयास नहीं करती ।फल स्वरुप किसानों ने दिल्ली कूच करने का नारा दिया जिसके दबाने के लिए किसानों के ऊपर में लाठी डंडा गोली आंसू गैस छोड़े गए यहां तक की एक नौजवान किसान शुभकरण को जान से मार दिया गया इस आंदोलन में वाल सिंह, पियर सिंह, चरनप्रीत सिंह, आ सिंह फ्रांसिस, केरकेट्टा एडवोकेट संजय सिंह एडवोकेट विमल सिंह उमा सिंह सी पी शुक्ला, गंगा यादव, अनिल द्विवेदी महेश सिंह, सुरेंद्र लाल सिंह रामलाल हसदा, जगदीश नागेश, बालवीर नागेश, रोशन नागेश,सोनू सिंह आदि ने भाग लिया।


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