
अंबिकापुर,20 नवम्बर 2023 (घटती-घटना)। लोक आस्था का महापर्व चार दिवसीय छठ सोमवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हो गया। कठिन उपासना का यह पर्व पूरे जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अल सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं ने छठ घाटों पर पहुंचना शुरू कर दिया था। सूर्य उदय होने से पहले ही श्रद्धालुओं ने नदी, तालाबों के ठंडे पानी में स्नान किया। जैसे ही भगवान भास्कर उदीयमान हुए लोगों ने अर्घ्य देना शुरू कर दिया। अर्घ्य देने का सिलसिला सुबह 7.30 बजे तक चलता रहा। भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के बाद छठ घाटों पर श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन किया और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। इसके बाद श्रद्धालु अपने घर पहुंचे कर अन्न-जल ग्रहण कर 36 घंटे का कठिन व्रत तोड़ा।
चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व शुक्रवार को नहान खान के साथ प्रारंभ हुआ था। जो सोमवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हो गया। रविवार की शाम व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया था। छठ को लेकर शहर के शंकर घाट, घुनघुट्टा नदी सहित लगभग एक दर्जन से ज्यादा छठ घाटों पर बड़े ही उत्साह व उमंग के साथ छठ व्रत मनाया गया। सभी छठ घाटों पर समितियों द्वारा व्यापक तैयारियां की गईं थीं। शंकरघाट स्थित छठ घाट पर रात्रि जागरण का आयोजन किया गया था, जिससे पूरी रात भक्तिभाव का माहौल रहा। वहीं श्याम घुनघुट्टा छठ सेवा समिति द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए थे। अर्घ्य संपन्न होते ही लोग प्रसाद पाने के लिए लालायित नजर आए। लोगों ने छठ व्रतियों के पास जाकर प्रसाद मांगा। इसके बाद छठ व्रतियों ने अपने घर पहुंच कर पड़ोसियों व रिश्तेदारों के घर प्रसाद पहुुंचवाया।
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