हैदराबाद,14 फ रवरी 2023 (ए)। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पीडि़ता और आरोपी के विवाह के बाद यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत बलात्कार के आरोपों का सामना कर रहे एक व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। पीडç¸ता ने बालिग होने के बाद उससे शादी की थी और मामला लंबित रहने के दौरान दंपति का एक बच्चा भी था।न्यायमूर्ति के नटराजन की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंड्या के एक निवासी द्वारा उसके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत क्कह्रष्टस्ह्र और बलात्कार के आरोपों को रद्द करने की याचिका पर विचार करते हुए सोमवार को फैसला सुनाया। खंडपीठ ने कहा कि इस संबंध में फैसला बच्चे और मां के हित को देखते हुए किया गया है।
पीठ ने टिप्पणी की कि पीडç¸ता अब वयस्क हो गई है और स्वतंत्र निर्णय लेने और जीवन साथी चुनने में सक्षम है। उसने आरोपी से शादी कर ली थी और बिना शादी के उसका एक बेटा भी है। पीठ ने कहा कि वह आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मामला खत्म करने पर भी सहमत हो गई है।
अदालत ने कहा कि पीडç¸ता, बच्चे और उनके भविष्य के हितों को ध्यान में रखते हुए आरोपी के खिलाफ क्कह्रष्टस्ह्र मामले को रद्द करना उचित है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur