सीबीआई को हाईकोर्ट से झटका
कोच्चि ,20 जनवरी 2023 (ए)। इसरो जासूसी मामले में डीजीपी रैंक के दो पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारियों और चार अन्य ने शुक्रवार को राहत की सांस ली। केरल उच्च न्यायालय ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी। सीबीआई ने जमानत का जोरदार विरोध किया, लेकिन उस समय झटका लगा जब न्यायमूर्ति के. बाबू ने केरल के पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यूज, गुजरात के पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार और चार अन्य को अग्रिम जमानत दे दी। अदालत ने छह अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अगले नोटिस तक विदेश यात्रा नहीं कर सकते हैं और अग्रिम जमानत देने के हिस्से के रूप में एक-एक लाख रुपये का सिक्योरिटी बांड मांगा है।
पिछले साल जुलाई में, सीबीआई ने तिरुवनंतपुरम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। ये सभी इसरो जासूसी मामले में जांच दल का हिस्सा थे और उन पर सीबीआई ने साजिश रचने और दस्तावेजों को गढ़ने का आरोप लगाया था।
इसरो जासूसी का मामला 1994 में सामने आया था, जब इसरो यूनिट के एक टॉप वैज्ञानिक एस. नंबी नारायणन को इसरो के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी, मालदीव की दो महिलाओं और एक व्यवसायी के साथ जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें 1995 में सीबीआई द्वारा बरी कर दिया गया था और वह इसरो में फिर से शामिल हो गए।
मैथ्यूज, जिन्होंने एक दशक पहले पुलिस महानिदेशक के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी, ने सेवानिवृत्त होने से पहले मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और राज्य की राजधानी शहर में बस गए। मामले में श्रीकुमार की भूमिका इंटेलिजेंस ब्यूरो के उप निदेशक के रूप में थी। उनके तत्कालीन सहयोगी पी.एस. जयप्रकाश को भी अग्रिम जमानत मिल गई है।
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