Breaking News

बेंगलुरु @अजन्मे बच्चे को गोद लेने का समझौता पैसे के लिए गोद लेने जैसा : कर्नाटक हाईकोर्ट

Share


बेंगलुरु , 10 दिसम्बर 2022 (ए)। कर्नाटक हाईकोर्ट ने 2 साल, नौ महीने की एक बच्ची के माता-पिता द्वारा संयुक्त रूप से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए कहा है कि एक अजन्मे बच्चे के ‘गोद लेने के लिए समझौता’ कानून के लिए अज्ञात है और इसे ‘पैसे के लिए गोद लेने’ के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। हिंदू जैविक माता-पिता और मुस्लिम दत्तक माता-पिता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जब उडुपी जिला अदालत द्वारा बाल देखभाल इकाई से बच्चे की कस्टडी की मांग को खारिज कर दिया गया था।
न्यायमूर्ति बी. वीरप्पा और न्यायमूर्ति के.एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने कहा कि एक अजन्मे के जीवन के अधिकार को भी संविधान के अनुच्छेद 21 के दायरे में आने वाला माना जाएगा और उडुपी जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) द्वारा दत्तक माता-पिता के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के कदम को सही ठहराया। साथ ही, डीसीपीयू ने दलील दी कि पैसे के बदले अवैध रूप से बच्चे की अदला-बदली की गई थी।अदालत ने मुस्लिम कानून के तहत भी ‘समझौते’ को अमान्य करार दिया, क्योंकि समझौता मुस्लिम और गैर-मुस्लिम माता-पिता के बीच दर्ज किया गया था।
यह देखते हुए कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 एक ऐसे बच्चे के कल्याण की रक्षा कर सकता है, जिसके माता-पिता आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हैं। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि ऐसे में समझौता कायम नहीं रखा जा सकता।


Share

Check Also

नई दिल्ली@भोंदू बाबा अशोक खरात मामले के अहम गवाह की सड़क हादसे में मौत…

Share नई दिल्ली,17 अप्रैल 2026। भोंदू अशोक खरात मामले के अहम गवाह की सड़क हादसे …

Leave a Reply