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सिलीगुड़ी @ पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी का परिवार टीएमसी में हुआ शामिल

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सिलीगुड़ी ,25 अक्टूबर 2021 ( ए )। पश्चिम बंगाल में भारी जीत के बाद ममता बनर्जी दूसरे राज्यों में अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के विस्तार में जुटी हैं। उनके निशाने पर फिलहाल यूपी समेत वह राज्य हैं जहां अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। टीएमसी को विस्तार देने के लिए कांग्रेस के कई बड़े नेता पिछले कुछ माह में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इसी कड़ी में सोमवार को ममता बनर्जी की उपस्थिति में यूपी के दो कद्दावर कांग्रेसी नेता राजेशपति त्रिपाठी और ललितेशपति त्रिपाठी टीएमसी में शामिल हो गए। राजेशपति त्रिपाठी और ललितेश आपस में पिता-पुत्र हैं। राजेशपति त्रिपाठी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के पौत्र हैं। कमलापति त्रिपाठी की पांच पीढि़यां कांग्रेस का हिस्सा रही हैं। टीएमसी में शामिल होने के बाद राजेशपति और ललितेश ने कहा कि ममला बनर्जी के नेतृत्व में भाजपा को यूपी और केंद्र से बाहर करना ही उनका लक्ष्य है। सिलीगुड़ी में दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल कराने के बाद ममता ने कहा कि यूपी के नेताओं का शामिल होना इस बात की गवाही देता है कि हम अब एक अखिल भारतीय पार्टी हैं जो भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकती है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा तृणमूल कांग्रेस को गोवा में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने से रोक रही है। बनर्जी ने कहा कि वह कुछ दिनों में पश्चिमी राज्य जा रही हैं। ममता ने कहा कि हम यूपी में काम करेंगे तो यूपी के लोगों को लेकर ही करेंगे। हम लोग साथ-साथ रहेंगे। अखिलेश यादव मेरे छोटे भाई की तरह हैं। हम उनके खिलाफ कोई काम नहीं करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी का परिवार पूर्वांचल के साथ ही उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीति की धुरी रहा है। वाराणसी के औरंगाबाद हाउस के नाम से मशहूर त्रिपाठी परिवार से कांग्रेस का नाता इसी महीने 4 अक्टूबर को टूट गया था। आजादी से पहले ही ललितेश के परदादा कमलापति त्रिपाठी कांग्रेस से जुड़ गए थे। प्रदेश मंत्रिमंडल का हिस्सा रहने के साथ ही 1971 से 73 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। केंद्रीय राजनीति में जाने पर रेलमंत्री भी रहे। अगली पीढ़ी पं. लोकपति त्रिपाठी और पुत्रवधू चंद्रा त्रिपाठी भी राजनीति में आए। लोकपति कई बार विधायक और कई मंत्रिमंडलों का हिस्सा रहे तो चंद्रा त्रिपाठी चंदौली से सांसद रहीं। लोकपति के बेटे राजेशपति त्रिपाठी भी संगठन के विभिन्न पदों पर रहने के साथ ही विधायक भी रहे। ललितेश पति त्रिपाठी यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रहे।
लगातार यूपी को लेकर ममता बनर्जी एक्टिव हैं। लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद ममता बनर्जी ने हिंसा में लोगों की मौत की निंदा की और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी भेजा था। यह प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले किसानों के परिवारों से मिला था। ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि मैं लखीमपुर खीरी में हुई बर्बर घटना की कड़ी निंदा करती हूं। हमारे किसान भाइयों के प्रति बीजेपी की उदासीनता मुझे बहुत पीड़ा देती है।


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